जात-पात और धर्म की राजनीति करने वाले संभल जाएं। ऐसी राजनीति किसी काम की नहीं है। इससे किसी को फायदा नहीं हुआ है। यह कहना है पूर्व केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह का। वे गुरुवार को मदन लाल धींगडा कम्युनिटी सेंटर में शहीद दिवस पर आयोजित समारोह में शिरकत करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने युवाओं के राजनीति में आने की वकालत करते हुए राहुल गांधी के विदेश में दिए बयान को लेकर भाजपा नेताओं को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपना पक्ष रखने देने का अवसर दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सदन में भाजपा सत्ता पक्ष की ओर से माफी मांगने के मामले में राहुल गांधी का पक्ष लेते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अपना पक्ष रखने का अवसर देने के बाद माफी की बात करनी चाहिए।
राहुल गांधी को सूरत कोर्ट से दो साल की सजा सुनाए जाने के मामले में उन्होंने कहा कि कोर्ट ने फैसला दिया है। इससे आगे भी अपील का अवसर है। पीड़ित इससे ऊपर की अदालत में अपनी बात रख सकता है। कोर्ट को बिना किसी राजनीति पक्षपात के फैसले देना चाहिए। सभी राजनीतिक दलों को कोर्ट के न्याय पर विश्वास है।
दिल्ली के पोस्टर विवाद को लेकर कहा-एफआईआर दर्ज करना गलत
दिल्ली के पोस्टर विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि इस तरह एफआईआर दर्ज करना गलत है। अभिव्यक्ति की आजादी सभी को है। शब्द सही हों तो व्यक्ति कहीं भी अपनी बात रख सकता है। इनलो के विधायक अभय चौटाला को हरियाणा विधानसभा में दो बार नेम करने के मामले में उन्होंने कहा कि स्पीकर की भूमिका सामान्य रहनी चाहिए। वह सत्ता पक्ष में नहीं होना चाहिए। स्पीकर व एमएलए को ध्यान रखना चाहिए कि विपक्ष में भूमिका कुछ और सत्ता पक्ष कुछ हो।
उन्होंने युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृति पर चिंता जताते हुए कहा कि पंजाब का युवा नशे की वजह से बर्बाद हो चुका है। अब यह लहर हरियाणा की ओर बढ़ रही है। संयुक्त किसान मोर्चा के एमएसपी गारंटी कानून बनाने के मामले में उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी यह मांग मानने का आश्वासन दिया था। अब वे पूछ रहे हैं कि साल भर में क्या हुआ तो वे गलत नहीं हैं।
उन्हें जवाब नहीं मिलेगा या सुनवाई नहीं होगी तो वे संघर्ष तो करेंगे। यही नहीं, एमएसपी कमेटी में भी वहीं लोग हैं जो कृषि कानून बनाने वाली कमेटी में रहे हैं। सरकार को किसानों से बात कर समाधान करते हुए एमएसपी कानून बनाना चाहिए। उन्होंने 23 मार्च की रैली स्थगित होेने की जानकारी देते हुए दो अक्तूबर को जींद में रैली करने की घोषणा की।
रैली में भूखमरी, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े मुद्दे जोर शोर से उठाने का दावा किया। यहां समाज की ओर से उन्हें मशाल भेंट कर सम्मानित किया गया। शहीदी दिवस समारोह की अध्यक्षता जाट शिक्षण संस्था के पूर्व प्रधान राज सिंह नांदल ने की। इस मौके पर चांद सिंह, अमित काजल, दलबीर सिंह, दीपक मलिक, उदयवीर पूनिया, जोगिंद्र अंतिल, अशोक सिवाच, वीरेंद्र किरोड़ी, राममेहर दनौदा, रामकिशन रोड, प्रदीप चहल मौजूद रहे।