अंबेडकर चौक से पुराना बस
अड्डा तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड पर दौड़ रही राजनीति की गाड़ी ने और
रफ्तार पकड़ ली। बृहस्पतिवार को सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस दोनाें की तरफ
से एलिवेटेड रोड के पक्ष और विपक्ष में बयानबाजी तेज कर दी गई। हुड्डा
कांप्लेक्स स्थित कार्यालय में कार्यकर्ताओं और व्यापारी नेताओं की बैठक को
संबोधित करते हुए विधायक मनीष ग्रोवर ने कहा कि रोड का विरोध करने वाले
शहर के हितैषी नहीं हो सकते।
यहां करीब साढ़े चार लाख की आबादी है, जबकि
गांवों में छह लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। फ्लाईओवर की तरह एलिवेटेड रोड
से भी बड़ी राहत मिलेगी। विधायक ने कहा कि सरकार एक भी दुकान नहीं तोड़ेगी
और किसी का काम प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के पिलर का
अधिकांश काम शहर से बाहर होगा। कांग्रेसियों के बहकावे में आकर विरोध करने
वालों को अपनी आने वाली पीढ़ी के बारे में सोचना चाहिए।
कांग्रेस ने किया उजाड़ने का काम
ग्रोवर
ने कांग्रेस के पूर्व विधायक बी. बी. बतरा पर भी भड़ास निकाली और कहा कि
उन्होंने हमेशा दुकानदारों को उजाड़ने का काम किया है। इस बार भी वह
दुकानदारों में ऐसा ही डर पैदा कर रहे हैं। सवा साल में कांग्रेस को कोई
मुद्दा नहीं मिला है तो वे इस जनहित की योजना में रोड़ा लगाकर सियासत कर
रहे हैं।
इस आदत के कारण ही पंचायत चुनाव में कांग्रेस को करारी मात मिली
है। विधायक ने कांग्रेस नेताओं पर भ्रष्टाचारी होने का आरोप भी लगाया है।
पार्किंग से जुड़ेगा एलिवेटेड रोड, ऐसे होगा फायदा
विधायक
के अनुसार एलिवेटेड रोड को भिवानी स्टैंड, पुराना राजकीय स्कूल, हुडा
कांपलेक्स में बनने वाली पार्किंग से जोड़ा जाएगा। उनके अनुसार वैश्य
संस्था, सब्जी मंडी, अनाज मंडी समेत दर्जनों कॉलोनी और बेरी रोड़ पर आने
वाले गांवों के लोगों को इससे फायदा होगा।
रोड बनने के बाद भी बाजारों पर
कोई फर्क नहीं पड़ेगा। शहर के अंदर आधा दर्जन से ज्यादा कॉलेज हैं, जिनमें
पहुंचने के लिए एलिवेटेड रोड बनने के बाद छात्रों को जाम से नहीं जूझना
पड़ेगा। एमडीयू में पढ़ाई और पीजीआई में इलाज के लिए भिवानी और हिसार रोड
से आने वालों को भी राहत मिलेगी। उनके अनुसार दिल्ली, मुंबई, जयपुर,
लुधियाना, बंगलूरू, कोलकाता, लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे शहरों में
एलिवेटेड रोड हैं। वहां की जनता को बड़ी राहत मिली है और इन शहरों में
दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित नहीं हुआ।
बैठक में यह रहे मौजूद
जिलाध्यक्ष
रमेश भाटिया, पूर्व मंत्री जयनारायण खुंडिया, महिला मोर्चा की
प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सुमन, रामअवतार वाल्मीकि, प्रवीन नारंग, शमशेर खरक,
जोगेंद्र सैनी, रामचेत तायल, सुरेंद्र बंसल, पंकज छाबड़ा, विकास बंसल,
रणबीर ढाका, ज्योत्सना रोहिल्ला, पालिका बाजार के प्रधान गुलशन निझावन,
हिसार रोड के प्रधान श्याम सचदेवा, पुराना बस स्टैंड मार्केट के प्रधान
सतीश खन्ना, कच्चा बेरी रोड मार्केट के प्रधान कश्मीरी लाल उप्पल, घनीपुरा
व्यापार मंडल के प्रधान राजकुमार चावला, इंदिरा मार्केट के प्रधान अंगद
कोचर, स्वदेश किराड, बंसी विज, रवि नागपाल, कुलविंद्र सिक्का, राधेश्याम
ढल, रमेश अत्री, एडवोकेट वजीर खोखर व चेतना अरोडा, पंकज आनंद, सुरेंद्र
काले, ललित मग्गू, देवेंद्र चौधरी, राजरानी शर्मा और सुनीता सैन मौजूद रहे।
विधायक को अधिकारी कर रहे गुमराह
एक निजी होटल में प्रेस वार्ता को
संबोधित करते हुए पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा ने विधायक के ड्रीम
प्रोजेक्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी के
अधिकारी विधायक को गुमराह कर रहे हैं। यह प्रोजेक्ट न तो शहरवासियों के लिए
और न ही व्यापारियों के लिए हितकारी है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
छोटूराम चौक से पुराना बस स्टैंड रोहतक की शान और व्यवसायिक केंद्र है।
इसमें झज्जर रोड, आउटर किला रोड, किला रोड, भिवानी स्टैंड, शौरी मार्केट,
माल गोदाम रोड, कच्चा बेरी रोड, इंद्रा मार्केट, पुरानी सब्जी मंडी की करीब
5000 दुकानें बर्बाद हो जाएंगी। शहर की सुंदरता कुछ लोगों को रास नहीं आ
रही है। पीडब्ल्यूडी व कंसलटेंट की रिपोर्ट इस प्रोजेक्ट में झूठ का
पुलिंदा है। एनएच 10 के लिए बाईपास को मान्यता मिल गई है। इसमें डिफेंस को
भी कोई समस्या नहीं है।
अंदर का रोड अब स्टेट पीडब्ल्यूडी का है। पूर्व
विधायक ने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रोजेक्ट में कहीं भी स्लिप रोड नहीं है।
यदि सब की सहमति है तो आज विरोध क्यों हो रहा है। जबकि रिकार्ड में इस
प्रोजेक्ट के लिए सर्वे किया गया है। नीचे का रोड इस प्रोजेक्ट के बाद और
संकीर्ण हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट में बाटल नेक की समस्या का समाधान कैसे
होगा। उन्होंने कहा कि बसता और भीड़ वाला शहर हमेशा अच्छा होता है।
दिल्ली
के लाल किला और आसपास के रोड को उदाहरण के तौर पर देखा जा सकता है। यहां भी
यदि एलिवेटेड रोड बना दिया जाए तो वहां की सुंदरता क्या रहेगी। पूर्व
विधायक ने सवाल उठाते हुए कहा कि अभी भारी वाहन बाईपास से गुजर रहे हैं। इस
प्रोजेक्ट के बाद शहर में रात को भारी वाहनों की भरमार हो जाएगी, इससे
पूरी शांति भंग होगी।
मैं ऑटो चालकों के खिलाफ नहीं, पर समाधान चाहिए
पूर्व
विधायक ने कहा कि वे शहर के ऑटो चालकों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जाम की
समस्या का समाधान भी यहीं हैं। शहर में आरटीए से केवल 5884 आटो को ही
मान्यता है, जबकि चल 15 हजार रहे हैं। सम विषम करने की बजाए यदि मान्य ऑटो
को ही चलने दिया जाए तो कोई समस्या नहीं रहेगी।
अधिकांश ऑटो दस साल पुराने
हैं। दिल्ली के रिजेक्ट ऑटो भी यहां चलाए जा रहे हैं। जितनी चौड़ी सड़कें
रोहतक में हैं और कहीं नहीं है। झज्जर रोड 60, सुभाष रोड 57, सिविल रोड 55
से 60 फुट चौड़ा है। यदि ऑटो सही संख्या में चलें तो जाम की समस्या ही नहीं
है।
अधिकांश एरिया होना है शिफ्ट, फिर समस्या कहां
कांग्रेस
कार्यकाल में सेक्टर 18, 18ए, 21 बनाया गया। इससे सुभाष रोड की ऑटो
मार्केट, माल गोदाम रोड, हिसार रोड की मार्केट, काठमंडी की मार्केट शिफ्ट
होनी है। इनकी अलाटमेंट होनी है। इसके बाद भीड़ कहां रह जाएगी। इसलिए
करोड़ों के बजट वाले इस प्रोजेक्ट की कोई जरूरत नहीं है।
तीन साल नरक बन जाएगा शहर
प्रोजेक्ट
पर सवाल उठाते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि पब्लिक हेल्थ को शायद पता हो कि
पेयजल व सीवर लाइन कहां बिछी है। किसी को इसकी ड्राइंग का नहीं पता। यदि
यह प्रोजेक्ट मूर्त रूप लेगा तो पेयजल व सीवर लाइन टूटनी निश्चित है। इस
दौरान शहर की अव्यवस्था किसी नरक से कम नहीं होगी।
विधायक शहर के विकास की
बात करेंगे तो हम स्वागत करेंगे। लेकिन फिलहाल वे व्यापारी व शहरवासियों के
हित को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट को टाल दें। बतरा की प्रेस
कांफ्रेंस में मेयर रेनू डाबला, डिप्टी मेयर अशोक भाटी और कांग्रेस पार्षद
भी मौजूद रहे।
एलिवेटेड रोड के समर्थन में आया किला रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन
वहीं,
एलिवेटेड रोड को लेकर व्यापारी भी पार्टियों में बंटे नजर आ रहे हैं।
रोजाना प्रेस के नाम बयान जारी कर एक संगठन विरोध करता है तो दूसरा समर्थन।
बृहस्पतिवार को किला रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन के सदस्यों की बैठक में
एलिवेटेड रोड को समर्थन दे दिया गया।
प्रधान राजेश कुमार की अध्यक्षता में
हुई बैठक में व्यापारियों ने प्रोजेक्ट को सराहा। कहा कि विधायक के प्रयास
से रोड को मंजूरी मिली है, जो सरकार का एतिहासिक कदम है। बैठक में किला रोड
ट्रेडर्स एसोसिएशन के उप्रपधान योगराज, कोषाध्यक्ष राजकुमार चावला, सचिव
दिनेश नरुला, ओम कालड़ा, हरीश पसरीजा, श्याम सुंदर कथूरिया, कंवल किशोर,
सुनील गोसाई, रामलाल गांधी, हरीशचंद्र पाहवा, अशोक कथूरिया, राकेश कथूरिया,
ओमप्रकाश खट्टर, अमित सुनेजा, मोहन भटनागर, रमेश सीकरी, रविंद्र शर्मा और
अमित गोयल मौजूद रहे।