13 अक्तूबर को बच्ची के साथ बीकानेर के खाजूवाला की रहने वाली मां लापता हो गई थी। यह मामला बीकानेर थाने में दर्ज कराया था। यह बात मंगलवार को तब पता चली, जबकि रोहतक रेलवे स्टेशन पर स्पेशल ट्रेन में रोते हुए बच्ची मिली। बच्ची के जेब से मिले मोबाइल नंबर पर बात की गई तो वह उसके दादा का निकला। बच्ची के दादा अन्य परिवारीजनों के साथ रोहतक के लिए रवाना हो चुके हैं।
खरावड़ निवासी अमित और उसकी पत्नी ममता ने स्पेशल ट्रेन में करीब दो साल की बच्ची को रोते हुए देखा। बच्ची के कपड़ों आदि से वह किसी अच्छे घराने की लग रही है। बच्ची की जेब में एक पर्ची मिली है, जिसमें मोबाइल नंबर लिखा हुआ है। रोती हुई बच्ची गेट की तरफ जा रही थी, तभी खरावड़ निवासी दंपति ने उसे ट्रेन से गिरते हुए बचाया। इस दौरान ट्रेन में ड्यूटी कर रहे जीआरपी के एसआई बलवान ने बच्ची को कब्जे में लिया। जेब में मिली मोबाइल नंबर से संपर्क किया, तो पता चला कि यह खाजूवाला बीकानेर की रहने वाली है। बच्ची के दादा ने सब इंस्पेक्टर बलवान को बताया कि इसकी मां 13 अक्तूबर 2019 से बच्ची को लेकर घर से लापता हुई थी, जिसके बारे में खाजूवाला थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। जीआरपी की सूचना पर बीकानेर की पुलिस और बच्ची के परिजन रोहतक के लिए रवाना हो गए हैं। बच्ची को एक महिला कांस्टेबल के सुपुर्द कर दिया गया है।