रोहतक। नशा तस्करी के केस में अदालत ने आरोपी भिवानी के प्रेम नगर निवासी मंजीत उर्फ कालिया को दोषी करार दिया है। 27 नवंबर को सजा को लेकर अदालत में बहस होगी, जबकि रोहतक की महिला मुन्नी देवी को सबूतों के अभाव में क्लीनचिट मिल गई। केस में तीसरा आरोपी हिसार जिले के गांव कंवारी, हाल में फ्रेंड्स कॉलोनी भिवानी निवासी संदेश कुमार उर्फ गोलू जमानत पर आने के बाद से फरार चल रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हिसार एसटीएफ की टीम को सूचना मिली कि सफेद रंग की कार में भिवानी के दो युवक मंजीत उर्फ कालिया व संदेश कुमार उर्फ गोलू दिल्ली से रोहतक चिट्टा (हेरोइन) लेकर आ रहे हैं। एसटीएफ ने खरावड़ पुलिस चौकी के आगे नाका लगाकर वाहनों की जांच शुरू की। थोड़ी देर बाद दिल्ली की तरफ से सफेद रंग की क्रेटा गाड़ी आई, जिसे पुलिस ने रुकवाया। चालक की पहचान संदेश कुमार उर्फ गोलू व साथ वाली सीट पर बैठे युवक की पहचान मंजीत उर्फ कालिया के तौर पर हुई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तलाशी ली तो संदेश के पास से पॉलीथिन में 540 ग्राम चिट्टा हेरोइन बरामद हुई, जबकि मंजीत उर्फ कालिया के पास से 1 किलो 560 ग्राम चिट्टा हेरोइन मिली। दो किलो 100 चिट्टा हेरोइन को कब्जे में लेकर पुलिस ने आरोपियों को काबू कर लिया। आईएमटी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत नशा तस्करी का केस दर्ज किया गया।
रोहतक की मुन्नी पर आरोप साबित नहीं कर सकी पुलिस
केस की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी मंजीत व संदेश रोहतक की महिला के कहने पर दिल्ली से माल लेकर आए थे। मंजीत व मुन्नी देवी की फोन पर बातचीत भी हुई। पुलिस ने महिला को काबू कर लिया। उसके वकील पीयूष गक्खड़ ने बताया कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान एसटीएफ ऐसा कोई सबूत नहीं लेकर आ सकी, जिससे साबित हो की मुन्नी देवी ने नशीला पदार्थ मंगवाया है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला दिया गया। अकेले आरोपी के बयान को पर्याप्त सबूत नहीं माना जा सकता। दूसरा, जो मोबाइल नंबर मंजीत से बरामद हुआ, वह किसी अन्य के नाम पर है। इससे यह भी साबित नहीं होता कि मंजीत ने ही महिला मुन्नी देवी से बात हुई। तीसरा पुलिस यह सबूत नहीं दे सकी कि मुन्नी देवी ने नशीला पदार्थ मंगवाने के लिए मंजीत को पैसे दिए। अगर पैसे दिए तो कैसे दिए गए। तथ्यों को देखते हुए अदालत ने मुन्नी देवी को बरी कर दिया।
संदेश उर्फ गोलू जमानत मिलने के बाद से फरार
बचाव पक्ष ने बताया कि केस में तीसरा आरोपी हिसार जिले के गांव कंवारी निवासी संदेश उर्फ गोलू है। उसे अदालत से जमानत मिल गई थी। जमानत मिलने के बाद जब केस में गवाही चल रही थी, तब आरोपी फरार हो गया था। उसे भगौड़ा घोषित किया जा चुका है।