महम के गांव भैणी सुरजन की सीमा पर मिट्टी का बंद तैयार करती मशीन। संवाद
महम। महम चौबीसी के गांव भैणी मातो के चारों तरफ जलभराव हो गया है। गांव को डूबने से बचाने के लिए सैमाण गांव की सीमा पर पोकलेन मशीन से बांध बनाने का शुक्रवार को प्रयास किया गया लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण कामयाबी नहीं मिल पा रही है। विभाग व ग्रामीण लगातार प्रयास कर रहे हैं।
गांव की महिला सरपंच काजल ने बताया कि भैणी सुरजन में एक महीने से अधिक समय से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। खेतों में जलभराव से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि अगर जल्दी निकासी नहीं हुई तो गेहूं की फसल पर भी संकट हो सकता है। उनकी धान की फसल चौपट हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग ने पानी निकासी के लिए मोटर लगाई थी लेकिन बहुत कम समय तक ही चल पाई। साथ लगते गांव सैमाण व पुट्ठी का पानी बहकर उनके क्षेत्र में दिक्कत बढ़ा रहा है। पूरे दिन में इतने पानी की निकासी होती है उतना ही पानी दूसरे गावों से बहकर वहां पर जमा हो जाता है।
ग्राम पंचायत ने सिंचाई विभाग के चंडीगढ़ मुख्यालय को पत्र भेजकर भैणी सुरजन व सैमाण गांव की सीमा पर बांध बनाने की मांग की थी। इसके बाद सिंचाई विभाग के चीफ सुरेश कुमार यादव शुक्रवार को टीम के साथ भैणी सुरजन गांव पहुंचे और जलभराव का जायजा लिया। चीफ ने संबंधित अधिकारियों को सख्त दिशा निर्देश देते हुए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को हर संभव मदद की बात कही। ग्रामीणों ने बताया कि मोटर अधिकतर समय बंद रहती है। चीफ ने अधिकारियों से एक बड़ी मोटर और उपलब्ध करवाने के आदेश देते हुए कहा कि मोटरों के लिए 24 घंटे बिजली दी जाए। इसके साथ ही गांव में पोकलेन मशीन पहुंच गई।
ग्रामीणों के सहयोग से भैणी सुरजन सैमाण गांव की सीमा भैणी मातो सैमाण रोड से लेकर सरकारी स्कूल व जलघर के साथ होते हुए दोनों गांवों की सीमा पर मिट्टी से रोक लगाने का कार्य जारी है। सरपंच का कहना है कि लगभग 1700 मीटर लंबा बांध बनेगा। उसके बाद गांव के पानी की निकासी संभव हो पाएगी।