रोहतक। रक्षाबंधन पर्व आज धूमधाम से मनाया जाएगा। भद्रा का वास पाताल लोक में है, इसका मृत्यु लोक पर कोई असर नहीं होगा। इसलिए सभी निसंकोच पर्व मनाएं। बहनें अपने भाइयों के हाथों में सुबह 10:40 से रात्रि 9:48 तक रक्षा सूत्र बांध सकेंगी। यह जानकारी ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज मिश्र ने दी।
दुर्गा भवन के पंडित मनोज मिश्र ने बताया कि भद्रा काल को लेकर जो संशय बना है, उससे न घबराएं। शास्त्रों में वर्णित है कि स्वर्गे भद्रा शुभं कार्य, पाताले च धनागम, मृत्यु लोके यदा भद्रा, सर्व कार्य विनाशिनी। वीरवार को भद्रा के पाताल लोक में होने के कारण इसका असर मृत्यु लोक पर नहीं है और हम पर्व मना सकते हैं। यह त्योहार प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन श्रवण नक्षत्र में मनाया जाता है। बहनें अपने भाई को पूर्व दिशा की ओर बैठा कर तिलक लगाएं और माथेपर टीका लगाकर दाहिने हाथ पर रक्षा सूत्र बांधें। इस दौरान ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेंद्रो महाबल:। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।। मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं।