एशियन गेम्स में बगैर ट्रायल बॉक्सरों के चयन को लेकर उभरे विवाद में सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। हाई कोर्ट के न्यायाधीश विनोद एस भारद्वाज की अदालत में बीएफआई (बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने अपन जवाब दिया। अब अदालत को भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के जवाब का इंतजार है। अब तक जवाब नहीं देने वाले संघ को अंतिम अवसर दिया गया है। इसके लिए केस 16 अगस्त को अगली सुनवाई पर रखा गया है।
स्पोर्ट्स एक्टिविस्ट डॉ. जयपाल ने बताया कि अदालत में अधिवक्ता सज्जन सिंह मलिक ने केस की पैरवी की। यहां बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने अपना जवाब दाखिल किया। इसके अनुसार, बॉक्सिंग खिलाड़ियों की चयन समिति नेशनल स्पोर्ट्स कोड के अनुसार नहीं बनाई गई। इसका उल्लंघन किया गया है। यही नहीं सरकारी ऑब्जर्वर को बीएफआई की ओर से नहीं बुलाया गया। जबकि नियमानुसार यह जरूरी है। इसके अलावा भारत सरकार, खेल मंत्रालय, बीएफआई, कोच व तीन खिलाड़ियों का पक्ष आ चुका है। अब केवल आईओए का जवाब आना शेष है। इसके लिए अदालत ने 16 अगस्त को केस की अगली सुनवाई पर अंतिम अवसर दिया है।