फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: रोहतक नगर निगम के लिए मतदान से पहले पार्षद प्रत्याशी के पति और दूसरे उम्मीदवारों पर करने थे हमले

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। नगर निगम के लिए मतदान से पहले पार्षद प्रत्याशी के पति और अन्य प्रत्याशियों पर जानलेवा हमले की साजिश जेल में रची गई थी। रोहतक के ही रहने वाले और इस समय जेल में बंद एक गैंगस्टर ने सोनीपत के गैंगस्टर के जरिए विरोधियों पर हमले की सुपारी दी। उसके शातिर दिमाग में था कि पुलिस और लोग चुनावी रंजिश में हमला मान लेंगे और वह कथित दुश्मनों को ठिकाने लगा देगा। पुलिस की मुस्तैदी के चलते अपराधियों से मुठभेड़ हो गई और साजिश अंजाम तक नहीं पहुंच सकी।
विज्ञापन

मुठभेड़ में अपराधियों के घायल होने के बाद पुलिस जांच में पता चला कि जेल में बैठे एक गैंगस्टर ने एक पूर्व पार्षद को भी अपने निशाने पर लिया था। उसकी हत्या के बाद न सिर्फ गैंगस्टर का वर्चस्व कायम हो जाता, बल्कि उसके लिए राजनीति का दरवाजा भी खुल जाता। हमले की साजिश चुनाव से पहले रची गई थी और मतदान से पहले हर हाल में इसे अंजाम देना था। सीआईए-2 टीम की सतर्कता से न सिर्फ बदमाशों की साजिश का पता चल गया बल्कि पूर्व में आपराधिक रिकार्ड वाले प्रत्याशियों या प्रत्याशी पतियों को सुरक्षा देने की योजना भी बनाने की राह खुल गई।
पार्षद पद के दो उम्मीदवारों के पति पहले आपराधिक मामलों में चर्चित रहे हैं। उनसे जेल में बंद एक गैंगस्टर की लंबे समय से रंजिश चली आ रही है। उस गैंगस्टर पर पहले कई बार हमला हो चुका है और उसे शक है कि हमले के पीछे उसके प्रतिद्वंदी नेता का हाथ है। इसीलिए उसने जेल में ही सोनीपत के गैंगस्टर सुनील सरढ़ाना से मित्रता बढ़ाई थी। गैंगस्टर ने उसी के माध्यम से नगर निगम चुनाव में अपना कांटा निकालने की साजिश रची। गैंगस्टर ने सोनीपत के गैंग लीडर सुनील सरढ़ाना को हमले की जिम्मेदारी दी।
विज्ञापन

सोनीपत के सरढ़ाना ने अपने साथी संदीप दहिया को चुना, चूंकि उसे हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। संदीप को अपनी टीम तैयार करने के लिए कहा तो उसने रेकी के लिए अपने पुराने मित्र नितिन को चुना। वह अभी तक किसी की नजर में नहीं आया था। बाद में नितिन ने बलियाना गांव निवासी युवक को अपना साथी बनाया। बलियाना निवासी युवक अपने पिता की हत्या का बदला लेना चाहता था। उसे भी एक ऐसा ही गिरोह चाहिए था। संदीप और सुनील सरढ़ाना के संपर्क में नरेश और अनुराग भी थे। दोनों को इस वारदात को अंजाम देने के लिए चुना गया। हत्या के लिए सुनील सरढ़ाना ने कार और हथियारों की व्यवस्था की थी।


दो पार्षद उम्मीदवार भी थे निशाने पर...
यदि पार्षद उम्मीदवार की मंगलवार को अपराधी हत्या करने में कामयाब हो जाते तो फिर वह बलियाना गांव के एक पार्षद की हत्या करने की प्लानिंग में लग जाते। वहीं के एक युवक के पिता की हत्या में पार्षद नामजद था। इस वारदात को अंजाम देने के बाद तीसरे पार्षद उम्मीदवार को मारने के लिए अपराधी चुनाव खत्म होने तक रोहतक में ठिकाना बनाने की योजना भी बना रहे थे। तीसरी वारदात को होली से पहले अंजाम देने की योजना थी, लेकिन प्राथमिकता पर पूर्व में आपराधिक रिकार्ड वाला राजनेता ही था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें