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2 मई से पहले टीकरी बॉर्डर पर बढ़ेगी किसानों की तादाद

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बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर पर किसानों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। किसान नेताओं के अनुसार पश्चिमी बंगाल चुनाव के बाद हरियाणा सरकार द्वारा दिल्ली की सीमाओं पर बैठे आंदोलनकारी किसानों को उठाने की संभावना की चर्चा पर किसानों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसके मुताबिक 2 मई से पहले टीकरी बॉर्डर समेत दिल्ली की सभी सीमाओं पर किसानों की संख्या काफी बढ़ा दी जाएगी।
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किसान नेता जोगेंद्र सिंह का कहना है कि फसल की कटाई आदि खेती कार्यों के लिए किसानों के घर जाने के बाद बॉर्डर पर किसानों की संख्या कम होने का फायदा उठाने के लिए सरकार कोशिश कर सकती है। इसलिए अब आंदोलनकारियों को पहले से भी ज्यादा सक्रिय होने की जरूरत है। किसानों के पड़ाव में चर्चा है कि उन्होंने पंजाब और हरियाणा में फसल की कटाई आदि कार्यों के लिए गए किसानों को सूचित कर कहा है कि 2 मई से पहले बॉर्डर पर आंदोलन में जरूर पहुंच जाएं।
बठिंडा के किसान अमरदीप सिंह ने कहा कि 2 मई से पहले बॉर्डर किसानों की संख्या पहले की तरह हो जाएगी। सरकार किसानों को दिल्ली की सीमाओं से जबरन हटाने की कोशिश करेगी तो परिणाम ठीक नहीं होंगे। दुनिया के इस सबसे बड़े आंदोलन को कुचलने की कोशिशों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। हां, अगर सरकार तीनों कृषि कानूनों को निरस्त कर दें। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी वाला कानून बना दे तो सभी किसान खुद ही अपने घर लौट जाएंगे।
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संगरूर के गुरदीप सिंह ने कहा कि मीडिया की खबरों के मुताबिक बंगाल के चुनाव समाप्त होते ही टीकरी व सिंघु बार्डर के आसपास के क्षेत्र में कर्फ्यू लगाकर सरकार रात में किसानों को मार्ग से जबरन हटाने की कोशिश कर सकती है, लेकिन हम किसानों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। पंजाब में संदेश भेजकर हमने कहा कि जो किसान अपने घर गए थे वेे सभी 2 मई से पहले वापस बॉर्डर पर पहुंच जाएं, ताकि प्रशासन अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके। गुरदीप ने बताया कि पंजाब के हरेक गांव में हमारे साथी घर-घर संपर्क करके केंद्र और हरियाणा सरकार की चाल से अवगत करवाएंगे। संता सिंह ने कहा कि सरकार कोरोना के बहाने किसानों सड़कों से हटाने चाहती है। जबकि असलियत ये है कि कोरोना से अब तक टीकरी बॉर्डर या सिंघू बॉर्डर पर किसी किसान को नुकसान नहीं हुआ है। टीकरी बॉर्डर धरने में शुरुआत से ही भाग ले रहे सिरसा के किसान सज्जन सिंह ने कहा कि दो मई से पहले सिरसा जिले के किसानों की संख्या भी टीकरी बॉर्डर पर बहुत अधिक बढ़ जाएगी।
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