यदि आप किसी विदेशी यूनिवर्सिटी या संस्थान के एकेडमिक सहयोग (कॉलीब्रेशन)से पूरे होने वाले कोर्स में शामिल हो रहे हैं तो जरा संभल कर। पहले यह पता जरूर लगा लीजिए कि आपकी यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट विदेशी संस्थाओं से कॉलीब्रेशन संबंधित यूजीसी के नियमों पर खरा उतरते है या नहीं। यदि यह नहीं किया और विदेशी कॉलीब्रेशन वाली डिग्री ली तो यह आपके किसी काम की नहीं रहने वाली है। यूजीसी ने अब नियमों को दरकिनार करके किए जाने वाले कॉलीब्रेशन पर नजर टेढ़ी कर ली है।
यूजीसी के सेक्रटरी प्रोफेसर जसपाल सिंह संधू ने दो दिन पहले इस संबंध में पब्लिक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में साफ साफ कहा गया है कि यूजीसी के संज्ञान में यह बात आई कि कुछ यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूटस विदेशी संस्थाओं के साथ एकेडमिक कॉलीब्रेशन यूजीसी के नियमों को नजर अंदाज करके कर रहे हैं।
यह नियम या दिशानिर्देश जो भारत के राजपत्र में भी अधिसूचित और अनिवार्य है, साथ ही इसका पालन अक्षरत: किया जाना है। लेकिन कुछ यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट्स ऐसा नहीं कर रहे हैं। प्रोफेसर संधू ने स्पष्ट किया है कि नियमों की पालना किए बिना विदेशी संस्थाओं के सहयोग से मिलने वाली डिग्रियां न तो उच्च शिक्षा के लिए काम आएगी और न ही रोजगार के लिए इनका उपयोग होगा। बताया जाता है कि यूजीसी को आम लोगों और कुछ छात्रों ने भी इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। उसके बाद ही इन तरह का पब्लिक नोटिस जारी किया गया है।