रोहतक के लाखनमाजरा में 16 वर्षीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की दर्दनाक मौत के मामले में मृतक खिलाड़ी के पिता संदीप राठी का बयान आया है। संदीप राठी ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द बयान किया। संदीप राठी ने कहा,मेरा सपना था कि मेरा बेटा भारत के लिए खेले और मुझे गर्व महसूस कराए। वह 2026 में भारत के लिए खेलने की तैयारी कर रहा था। मेरे दो बच्चे हैं, दोनों बास्केटबॉल खेलते हैं। जब हार्दिक राठी छोटा था तब मैंने घर में बास्केट बॉल का रिंग लाया था, उसी से उसने बास्केटबॉल खेलना शुरू किया।
धीरे-धीरे दोनों भाई खेलने लगे। पीड़ित पिता ने कहा इस हादसे की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की है। उन्होंने व्यवस्थाओं का ध्यान नहीं रखा। मुख्यमंत्री को ऐसे मामलों में खुद ध्यान देना चाहिए ताकि हम अपने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को न खोएं। मैं मुख्यमंत्री जी से अनुरोध करता हूं कि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। मेरे बहुत बड़े सपने थे। मैंने अपने बेटे को वादा किया था कि मैं उसे शानदार जिंदगी दूंगा। मेरा बेटा बहुत मेहनती था। वह अकेले भी प्रैक्टिस करता रहता था।
मेरे सारे सपने चूर-चूर हो गए। हमारा बेटा चला गया, लेकिन मेरी यही कामना है कि अब किसी और के साथ ऐसा न हो। परिजनों का कहना है कि बास्केट बॉल कोर्ट में लगे पोल की हालत काफी खराब थी और कई बार इसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया है। हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम ने हरियाणा के दो होनहार खिलाड़ियों के साथ हुई दुखद मृत्यु की घटना के बाद बड़ा एक्शन लिया है। दोनों खेल अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। खेल मंत्री ने 22 जिलों के स्पोर्ट्स ऑफिसर्स को जिले में खेल संबंधी पूरी जानकारी तलब करने के आदेश दिए हैं।