सरसों के बाद अब जौ भी किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आई है। मार्केट में आते ही जौ के रेट भी एमएसपी से पार हो गए हैं। सरसों के रेट तो लगातार बढ़ रहे हैं।
केंद्र सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बार 4650 रुपये प्रति क्विंटल रखा था। बाजार में आते ही यह 4800 रुपये प्रति क्विंटल से बिकना शुरू हुई। आज सरसों के रेट बढ़कर 6400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। जिले की किसी भी मंडी में सरसों की सरकारी खरीद नहीं हुई है। सभी जगह व्यापारी ही बोली लगाकर फसल खरीद रहे हैं। इस बार जौ की खरीद के लिए रोहतक की नई अनाज मंडी को अधिकृत किया गया था, सारे जिले के किसानों ने यहीं फसल बेचनी थी। लेकिन बाजार में फसल आते ही जौ के रेट भी बढ़ गए। जौ का एमएसपी 1600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था, खुले बाजार में यह 1800 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। नई अनाज मंडी में अब तक 18 हजार क्विंटल सरसों और तीन हजार क्विंटल जौ बिक चुकी है। सरसों ने तो किसानों को काफी फायदा पहुंचाया है। माहिरों के मुताबिक सरसों की मांग में बेतहाशा बढ़ोतरी की वजह से उसके रेट लगातार बढ़ रहे हैं। राजस्थान में तो रेट 6600 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंचा है। पिछले साल मिलों के पास बिल्कुल सरसों नहीं थी। दूसरी तरफ सरकार ने भी खाद्य तेलों का आयात घटा दिया। जिसके चलते नवंबर 2020 में सरसों के तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई थी, क्योंकि बाजार में सरसों बिल्कुल नहीं थी। इसी के चलते नई फसल मार्केट में आते ही उसके रेट काफी ज्यादा मिले।
सरसों के बाद जौ का रेट भी ज्यादा है, दोनों फसलें एमएसपी से ऊपर बिक रही हैं। पिछले साल सरसों की किल्लत के चलते इस बार फसल आते ही इसका रेट ज्यादा हो गया था।
- डॉ. रोहताश सिंह, उप निदेशक, कृषि