-फोटो 57 : बंदावीर बैरागी को नमन करते बैरागी समाज के लोग।
शहर की बैरागी धर्मशाला में बंदावीर बैरागी का 308वां शहादत दिवस मनाया गया। इसमें बैरागी समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अमीर सिंह ने कहा कि बंदा सिंह बहादुर असली नाम लखनदेव था और उनका जन्म 1670 में राजौरी जम्मू कश्मीर में हुआ था। वे एक महान वीर योद्धा और प्रमुख नेता थे। पहले वे एक बैरागी संत थे और माधोदास वैरागी के नाम से प्रसिद्ध थे। 1708 में गुरु गोविंद सिंह में उन्हें सिख धर्म में दीक्षित किया और उनका नाम बंदा सिंह बहादुर रखा। उन्होंने मुगलों के खिलाफ संघर्ष किया। सरहिंद की लड़ाई में उन्होंने मुगल सेनापति वजीर खान को पराजित किया, जिसने गुरु गोविंद सिंह के छोटे बेटों की हत्या की थी।
बंदा सिंह बहादुर ने भूमि सुधार किया और किसानों को उनकी जमीन का मालिक बनाया, जिसमें वे जनता के बीच लोकप्रिय हो गए। इस दिवस पर बहादुरगढ़ क्षेत्र से विभिन्न गांव व शहर के लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। इस मौके पर अनिल बैरागी लहरावण, मास्टर रामचन्द्र, मास्टर कर्ण सिंह बैरागी, कृष्ण बैरागी (मोनी) महेंद्र बैरागी, हेमंत स्वामी आदि मौजूद रहे।