05jjrp13- मृतक बलवंत का फाइल फोटो।
साल्हावास। पंचकूला में 590 करोड़ रुपये घोटाले के मामले में निदेशक दीवान के अधीनस्थ कर्मचारी वरिष्ठ लेखा अधिकारी 45 वर्षीय बलवंत सिंह ने सोमवार को 8वी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। बुधवार को उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मुंडाहेडा में किया जाएगा।
बलवंत सिंह का परिवार पिछले 15 साल से पंचकूला के पास बलटाना स्थित एकता विहार में रहता था। वह 2007 में भर्ती हुए थे। परिवार में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई अशोक परिचालक हैं और कृष्ण फौज में नियुक्त हैं। उनके पिता और रंगराव किसान हैं जबकि मां बिमला गृहिणी है।
वे दो लड़की और एक लड़के के पिता थे। वही सूचना मिलने के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजन पंचकूला के लिए सुबह ही रवाना हो गए थे। मुंडाहेडा में सोमवार शाम को अचानक से हलचल बढ़ गई थी। लोगों को जैसे ही इस मामले की भनक लगी तो सुगबुगाहट शुरू हो गई।
परिजनों को मंगलवार सुबह इस बारे में सूचना मिली। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि उनको यकीन नहीं हो रहा कि इस मामले में बलवंत सिंह का कोई दोष होगा। बलवंत सिंह व उनके परिवार के लोग काफी मिलनसार बताएं जा रहे हैं।
पंचकूला या चंडीगढ़ के काम के लिए ग्रामीणों को नहीं होना पड़ता था परेशान
ग्रामीणों का कहना है कि बलवंत मिलनसार व्यक्ति था। गांव के किसी भी व्यक्ति को पंचकूला या चंडीगढ़ किसी काम से जाना होता तो वह बलवंत से संपर्क करते थे। बलवंत उन्हें यह कहकर मना कर देता था कि इतनी दूर आकर परेशान होंगे। वह बिना बुलाए ही वह वहीं से उनका काम करवा देता था।