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बलियाना दोहरा हत्याकांड:: सोशल मीडिया पर धमकी भरी पोस्ट देख रची थी पिता-पुत्र की हत्या की साजिश

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माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। बलियाना गांव के दोहरे हत्याकांड में अहम खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी संजय ने पुलिस जांच में बताया कि जगबीर हत्याकांड में जेल में बंद सचिन उर्फ सागर के भाई दीपक की सोशल मीडिया पर डाली गई धमकी भरी पोस्ट देखकर ही उसने पिता धर्मबीर व पुत्र दीपक की हत्या की साजिश रची थी।
संजय अपने चार अन्य साथियों के साथ तीन लोगों की हत्या करने 7 नवंबर को गांव में आया था। दीपक व धर्मबीर की हत्या के बाद तीसरे शख्स के मकान का दरवाजा नहीं खुल सका था, इसलिए आरोपियों को पहले ही भागना पड़ा था। अब पुलिस मुख्य हत्यारोपी बलियाना निवासी संजय व उसके दो साथी कसरैंटी निवासी विरेंद्र उर्फ टिंकू व रोहित उर्फ काला को पीजीआई से छुट्टी मिलने के बाद रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
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पुलिस जांच में पता चला है कि बलियाना निवासी धर्मबीर व जगबीर के बीच पैसे का लेनदेन था। इसी के विवाद में 2023 में जगबीर की उस समय हत्या कर दी गई, जब वह दुकान पर बैठा था। केस में पुलिस ने छह आरोपियों को काबू किया था। इनमें धर्मबीर का बेटा सचिन उर्फ सागर भी था।
दूसरा बेटा दीपक उर्फ टीनू अपने पिता के साथ गांव में ही रह रहा था। दूसरी तरफ संजय अपने भाई जगबीर की हत्या का बदला लेने की फिराक में था। वारदात से पहले सोशल मीडिया पर दीपक ने साथियों संग धमकी भरी पोस्ट डाली थी। इसके बाद तो संजय ने बदला लेने की ठान ली।
गांव में तीन लोगों की हत्या की साजिश रची। इसके लिए पहले हथियारों का प्रबंध किया और अपने बंद पड़े मकान में रख दिए। इसके बाद 7 नवंबर को भतीजे एवं जगबीर के बेटे हिमांशु, गांव के युवक सन्नी, कसरैंटी निवासी रोहित व विरेंद्र के साथ मिलकर पहले दीपक फिर धर्मबीर की गोली मारकर हत्या कर दी।
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तीन लोगों की करनी थी हत्या, दरवाजा नहीं टूट सका तो बच गई थी जान
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि 7 नवंबर को संजय व उसके साथियों ने तीन लोगों की हत्या की साजिश रची थी। सबसे पहले पड़ोसी के घर सोफे पर बैठे दीपक को गोली मारी। इसके बाद घर पहुंचकर धर्मबीर की हत्या की। तीसरे व्यक्ति ने खुद को घर में बंद कर लिया था। आरोपी दरवाजा नहीं तोड़ सके, इसलिए भाग गए थे। अब उसी व्यक्ति की हत्या करने आए थे कि इससे पहले पुलिस ने दबोच लिया। एसपी का कहना है कि सुरक्षा कारणों से अभी तीसरे आरोपी की पहचान उजागर नहीं की जा सकती।
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सांपला में हुई संजय की रोहित व विरेंद्र से दोस्ती, वारदात के बाद चंडीगढ़ व हिमाचल के बॉर्डर तक घूमे

दो साल पहले जगबीर हत्याकांड के बाद परिवार सांपला में रहने लगा। संजय की वहां पर एसी मैकेनिक का काम करने वाले कसरैंटी निवासी रोहित व विरेंद्र से दोस्ती हो गई। उसने दोनों को हत्याकांड की साजिश में शामिल कर लिया। पूछताछ में पता चला है कि वारदात के बाद हिमांशु व सन्नी खरखौदा की तरफ चले गए। संजय साथी रोहित व विरेंद्र के साथ चंडीगढ़ की तरफ चला गया था। वहां से हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर तक गए।
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