बाबा मस्तनाथ मठ में पहुंचे योग गुरु ने कहा, कश्मीर मुद्दे पर राजनीतिक दल हों एक
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योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि बूचड़खाने धार्मिक भावनाओं के खिलाफ हैं। यह अनैतिकता के दायरे में आते हैं। भले ही बूचड़खाने को लाइसेंस दिया जाता हो, लेकिन वह पाप है और धार्मिक और अध्यात्मिक दृष्टि से पूरी तरह अवैध हैं। शनिवार को योग गुरु बाबा रामदेव मस्तनाथ मठ में महंत चांदनाथ के पास उनका हाल जानने और उनकी माता के निधन पर सांत्वना देने पहुंचे थे। महंत चांदनाथ पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे हैं।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कश्मीर में सैनिकों पर हो रहे हमले पर कहा कि इसे लेकर सभी राजनीतिक दलों को एक होने की जरूरत है। यह गंभीर मुद्दा है। राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। सैनिकों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है। उनके सम्मान में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। बाबा ने कहा कि देश में मजहब कोई भी हो लेकिन हमारे पूर्वज एक ही हैं। एकता के विचारों को पूरे देश में फैलाना होगा। गोहत्या पर कहा कि इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए अब लोकसभा से भी प्रस्ताव पास होना चाहिए। गोहत्या भारत के माथे पर कलंक है। गोरक्षकों की गुंडागर्दी पर उन्होंने कहा कि गुंडागर्दी गोरक्षक नहीं, बल्कि गोतस्कर करते हैं। गोतस्करों की गुंडगर्दी को लेकर कई बार लोग आहत हो जाते हैं। इसलिए इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए। इससे पूर्व उन्होंने महंत चांदनाथ और मठ के उत्तराधिकारी बाबा बालकनाथ से भी मठ को लेकर जानकारी ली। उन्होंने हर सहयोग का आश्वासन दिया। इस मौके पर बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मारकण्डे आहूजा और डीन डॉ. अमन वशिष्ट आदि मौजूद रहे।
देशद्रोह का केस दर्ज करने की याचिका लगाने वाले पूर्व मंत्री की बाबा रामदेव से शिष्टाचार मुलाकात
योग गुरु बाबा रामदेव और पूर्व मंत्री सुभाष बतरा के बीच शनिवार को बाबा मस्तनाथ मठ में बातचीत हुई। बातचीत के पीछे पूर्व मंत्री द्वारा योग गुरु के खिलाफ देशद्रोह के मामले में लगाई गई याचिका को बताया जा रहा है। चर्चा है कि दोनों के बीच समझौता के लिए बातचीत हुई है। हालांकि पूर्व मंत्री सुभाष बतरा ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया। शनिवार दोपहर के समय योग गुरु बाबा रामदेव हेलीकॉप्टर से रोहतक स्थित बाबा मस्तनाथ मठ पहुंचे। उन्होंने अलवर के सांसद और महंत चांदनाथ का हालचाल जाना। इस दौरान वहां पर पूर्व मंत्री सुभाष बतरा भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच बंद कमरे में बातचीत भी हुई है। मुलाकात के बाद पूर्व मंत्री इसे महज शिष्टाचार की मुलाकात बता रहे हैं। अप्रैल 2016 रोहतक में अयोजित सद्भावना सम्मेलन में योग गुरु रामदेव ने भड़काऊ भाषण दिया था। इस मामले में पूर्व मंत्री ने योग गुरु के खिलाफ कोर्ट में इस्तगासा दायर कर केस दर्ज करने की मांग की थी। चर्चा है कि दोनों के बीच बातचीत को समझौते से जोड़कर देखा जा रहा है। पूर्व मंत्री सुभाष बतरा कहना है कि मैं महंत चांदनाथ की माता के निधन पर उन्हें सांत्वना देने के लिए पहुंचा था। उसी समय रामदेव से शिष्टाचार भेंट हुई है। समझौता वार्ता का कोई मामला नहीं है। पूर्व मंत्री के वकील ओपी चुघ ने बताया कि मामले में 29 अप्रैल को अगली सुनवाई है। कोर्ट ने रामदेव को पेश होने के आदेश दे रखे हैं। उन्हें पेश होने के बाद जमानत करानी पड़ेगी। इसी मामले से बचने के लिए पूर्व मंत्री से बातचीत करने की बात सामने आई है।
यह है मामला
अप्रैल 2016 में नई अनाज मंडी में सद्भावना सम्मेलन में स्वामी रामदेव ने कहा था कि यदि कानून नहीं होता तो वे भारत माता की जय नहीं बोलने वालाें का सिर काट देते। इसी बयान के खिलाफ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सुभाष बतरा ने एसपी को शिकायत देकर मांग की थी कि रामदेव पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में देशद्रोह का केस दर्ज किया जाए। केस दर्ज न होने पर पूर्व मंत्री ने कोर्ट में याचिका लगा दी। कोर्ट ने एसपी को जांच करके रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए। 23 मई 2016 को हुई सुनवाई में डीएसपी ने कोर्ट में जाकर रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने एसपी को कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिये थे। इसके बाद एसपी ने 10 दिन का समय मांगा था और सुनवाई 3 जून को तय की गई थी। तीन जून को भी एसपी रिपोर्ट लेकर पेश नहीं हुए। एसपी ने जाट आंदोलन चेतावनी के कारण कानून व्यवस्था बनाने में व्यस्त होने की बात कही और वे कोर्ट नहीं पहुंच सके। एक पुलिस कर्मी ने कोर्ट में रिपोर्ट पेश की थी। इसके बाद लगातार मामले में सुनवाई चल रही है।