माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में 7 अगस्त से मरीजों को निशुल्क इलाज की सुविधा नहीं मिलेगी। सरकार के पैनल के निजी अस्पतालों ने पांच माह से आयुष्मान योजना के तहत किए मरीजों के इलाज की राशि नहीं मिलने व भेजे गए बिलों में कटौती से आहत होकर यह फैसला लिया है। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) का कहना है कि वीरवार से सामान्य ओपीडी व आपात सेवाएं चालू रहेंगी। आयुष्मान कार्ड स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. आरती साहू ने बताया कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत के प्रति प्रदेश सरकार की उदासीनता नजर आ रही है। इस कारण निजी अस्पतालों व चिकित्सकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
एसोसिएशन समय-समय पर संबंधित अधिकारियों को अनियमित भुगतान के बारे में अवगत कराती रही हैं। इसके बावजूद पांच से मरीजों के इलाज की राशि का भुगतान नहीं हुआ है। इस संबंध में 8 जनवरी को मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ हुई बैठक में आश्वासन मिला था।
इसके तहत सारा भुगतान 15 दिन में करना मुख्य रहा। मुख्य सचिव सीपीएम हरियाणा राजेश खुल्लर के साथ उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें पुनः आश्वासन मिला कि 10 मार्च के बाद से सभी प्रक्रियाएं व्यवस्थित कर दी जाएंगी। इनमें से कोई भी आश्वासन अब तक पूर्ण नहीं हुआ है।
भुगतान में अत्यधिक विलंब और अनियमितता बनी हुई है। अनावश्यक कटौतियां की जा रही हैं। मामलों की प्रोसेसिंग भी विलंबित है। पोर्टल पर शिकायतें दर्ज करना कठिन है। कई अस्पतालों की एनएबीएच प्रोत्साहन राशि को नए पोर्टल पर पुनः संप्रेषण के नाम पर रोक दिया गया है। इससे सभी प्रभावित हैं।
इन समस्याओं काे देखते हुए 15 जुलाई तक के सभी भुगतान 7 अगस्त तक करने की अपील की थी। इसके बाद भी भुगतान नहीं हुआ इसलिए आयुष्मान योजना की सेवाएं बंद की जा रही हैं।