फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जगह नई, समस्याएं वही

Thu, 21 Jan 2016 02:25 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
विज्ञापन
आयुष विभाग जिला अस्पताल की तरह सेक्टर-3 स्थित पॉली क्लीनिक में भी लाचार है। इसे पंचकर्म के लिए जगह तो बड़ी दे दी गई है, लेकिन समस्याएं ज्यों की त्यों बरकरार हैं। यहां न तो कमरों का तापमान नियंत्रण में है और न ही मशीनें काम कर रही हैं।
विज्ञापन



सामान्य अस्पताल से पॉली क्लीनिक में शिफ्ट किया गया आयुष विभाग का आयुर्वेद, पंचकर्म व होम्योपैथी विंग इन दिनों सूना पड़ा है। इसके पीछे कारण है कि आयुर्वेद के मरीज यहां कम आते हैं और होम्योपैथी की सभी दवाएं ही उपलब्ध नहीं हैं। पंचकर्म की मशीनें दम तोड़ गई हैं।


जबकि इस विभाग को सामान्य अस्पताल से पॉली क्लीनिक में शिफ्ट करने की सबसे बड़ी वजह पर्याप्त जगह की अनुपलब्धता थी। मरीजों को पंचकर्म के लिए तीसरी मंजिल पर सीढ़ियों से चढ़कर जाना पड़ता था। अब जगह उपलब्ध हो गई तो यहां मशीनें ठीक नहीं हैं। सबसे अधिक प्रयोग होने वाली भाप की दो मशीनें यहां खराब हैं। वहीं, विभिन्न थैरेपी के लिए यहां स्टाफ और सिस्टम तो है, लेकिन इसके लिए कक्ष में तापमान नियंत्रित करने के साधन उपलब्ध नहीं हैं।
विज्ञापन

 

विभाग सीएम को भी नहीं दे पाया था उपचार

आयुष विभाग कुछ समय पहले सीएम मनोहर लाल को भी उपचार नहीं दे पाया था। हालांकि, इसकी पुष्टि किसी की ओर से नहीं की गई थी। सीएम सुबह-सुबह पंचकर्म के लिए पहुंचे थे, लेकिन सुविधाओं के अभाव में उपचार नहीं ले सके। इसके बाद विभाग ने आयुष विभाग को बेहतर बनाने के लिए पॉली क्लीनिक में शिफ्ट किया, लेकिन यह योजना भी फेल हो रही है।


घट रही मरीजों की संख्या

आयुष विभाग के शिफ्ट होने से सेक्टर निवासियों की आस जगी थी कि उन्हें अधिक दूर नहीं जाना पडे़गा, लेकिन सुविधाओं के अभाव में मरीजों की संख्या में कमी आ गई है। होम्योपैथी की ओपीडी 30 से 35 प्रतिदिन औसतन रहती है, जबकि आयुर्वेद की इससे भी काफी कम। जबकि यहां स्टाफ की तैनाती पूरी है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें