बेटियां समाज का गौरव हैं। सुख, समृद्ध और खुशहाल समाज का निर्माण करती हैं। जरूरत है प्रधानमंत्री की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की मुहिम को गति देते हुए बेटियों को समान दर्जा देने की, इसके लिए लोगों को जागरूक करने की।
यह बात एमडीयू के वीसी प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया ने बृहस्पतिवार को एनएसएस कार्यालय की ओर से बेटी बचाओ, एड्स और स्वच्छता के विषयों पर निकाली गई जागरूकता रैली को रवाना करते हुए कही।
वीसी प्रो. पूनिया ने कहा कि एनएसएस सामाजिक जागरूकता की अलख जगाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने स्वयंसेवकों से सामाजिक जागरूकता के सजग प्रहरी बनने का आह्वान किया। जागरूकता रैली विवि परिसर से होते हुए दिल्ली बाईपास और वापस डीडीई कांफ्रेंस हॉल में पहुंचकर पूरी हुई।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रणबीर सिंह गुलिया ने बताया कि सुबह के सत्र में सीएमओ डॉ. शिवकुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. इंदू तथा पीजीआई के डॉ. वरुण अरोड़ा ने एचआईवी और एड्स के बारे में जानकारी दी। गुड़गांव से आपदा प्रबंधन की अनुसंधान अधिकारी नीतू श्योकंद ने भी आपदा प्रबंधन के बारे में जानकारी दी
इस मौके पर कुलपति के सचिव वीपी नांदल, डॉ. माया मलिक, डॉ. सुशीला, डॉ. अनीता फौगाट, डॉ. ज्योति, योगिता और सुमन मौजूद रहे।
एमकेजेके कॉलेज की स्वयंसेविकाएं भी हुईं शामिल
एमडीयू में निकाली गई रैली में महारानी किशोरी जाट कन्या महाविद्यालय की स्वयंसेविकाएं भी शामिल हुईं। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सरिता सहरावत और डॉ. निशा हुड्डा ने बताया कि सात दिवसीय एनएसएस शिविर के छठे दिन की शुरुआत योगाभ्यास से हुई। इसके बाद स्वयंसेविकाओं ने एमडीयू में पहुंचकर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया। इस मौके पर डॉ. सीमा, सलज, दीपिका अहलावत मौजूद रहीं।