रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में वित्तीय प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह व सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका विषय लेखा परीक्षण आपत्तियों, अनुरोधों एवं अग्रिमों का निपटान रहा। यह कार्यक्रम एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज की ओर एफडीसी सेमिनार हॉल में आयोजित किया गया।
वित्त अधिकारी मुकेश ने कहा कि लेखा परीक्षण आपत्तियां सिर्फ वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन का प्रतिबिंब होती हैं। उन्होंने समयबद्ध और सटीक निपटान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय कर्मियों को समय पर अग्रिम राशि का समायोजन करने और किसी भी सहायता के लिए अकाउंट ब्रांच से संपर्क करने का सुझाव दिया। रिसोर्स पर्सन वित्तीय सलाहकार एनआर शर्मा ने लेखा परीक्षण की प्रक्रिया, कैग टिप्पणियां, अग्रिमों के समायोजन, अनुरोधों के जवाब देने की प्रणाली और संबंधित नियमों एवं प्रक्रियाओं का प्रस्तुतीकरण दिया। एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज के कोऑर्डिनेटर डॉ. अनार सिंह ढुल ने कार्यक्रम का संचालन किया। संवाद