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छोटूराम को नमन कर सरकार पर बोला हमला

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मकड़ौली टोल प्लाजा पर नारेबाजी करतीं महिलाएं। संवाद न्यूज एजेंसी
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मकड़ौली टोल प्लाजा पर 100 से ज्यादा दिनों से चल रहे किसानों के धरने की फिजा तो सोमवार को भी वही रही, लेकिन नजारा कुछ बदला-बदला सा था। आमतौर पर स्टेज से लेकर नीचे तख्त पर नजर आने वाले पुरुष सबसे पीछे बैठे थे। जबकि, आगे के तख्तों से लेकर स्टेज तक महिलाओं का कब्जा रहा। महिला दिवस पर धरने की कमान पूरी तरह से महिलाओं ने संभाल रखी थी।
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दोपहर करीब 12 बजे से ही महिलाओं के जत्थे ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों में आने शुरू हो गए थे। देखते ही देखते आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं मकड़ौली पहुंच गई। कुछ ही देर में वे पहले से खाली पड़े स्टेज पर काबिज हो गईं। सबसे पहले उन्होंने गीतों के जरिये किसान और किसानी के मसीहा माने जाते सर छोटूराम को नमन किया। रिटायर्ड सीडीपीओ अंग्रेजो देवी ने मां की महिमा पर आधारित गीत सुनाया। इसी के साथ माहौल बनने लगा और रंग जमने लगा। देखते ही देखते गीतों की भाषा बदलने लगी, सर छोटूराम की जगह केंद्र और राज्य सरकारें और पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम मनोहर लाल आ गए। जोश बढ़ने लगा तो नारे भी लगने शुरू हो गए। जय हो अन्नदाता, जय हो मातृ शक्ति, आगे बढ़ो अन्नदाता, हम तुम्हारे साथ हैं के नारों से फिजा गूंज उठी। तीनों कृषि कानून रद्द करने की मांग उठने लगी। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए एक रागिनी भी सुनाई गई। महिला कांग्रेस नेता मीनाक्षी नांदल ने माइक संभालते ही जोशीला भाषण दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें इतनी घमंडी न बनें, घमंड तो रावण का भी टूट गया था। मोदी बंगाल जाकर नमन कर रहे हैं पर 100 दिन से बैठा अन्नदाता उन्हें नहीं दिखता। कई और महिलाओं ने भी धरने को संबोधित किया। पीछे बैठे पुरुष तालियां बजाते रहे, उन्होंने ही महिलाओं के बैठने के लिए गद्दे लगाए, उन्हें पानी की बोतलें दीं।
खिलाड़ियों का हुआ सम्मान
भारतीय किसान यूनियन (अंबावत) के प्रधान अनिल नांदल ने चार खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इनमें अंकिता, अंतिम, राम भतेरी और पूजा शामिल रहीं। नांदल ने कहा कि सरकार को कानून वापस लेने ही होंगे क्योंकि महिला शक्ति सबसे बड़ी ताकत है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय खिलाड़ी सुलोचना हुड्डा भी शामिल हुईं, जिन्हें सोमवार को ही प्रशासन ने जिलास्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित करना था। लेकिन वह कार्यक्रम में सम्मान लेने नहीं गईं। धरने में प्रेम लता, भगवानी सहरावत, राजबाला हुड्डा, राकेश हुड्डा भी शामिल हुए।
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