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Rohtak News: फसल कटने और प्रदूषण बढ़ने से अस्थमा के मरीज बढ़े

Mon, 06 May 2024 04:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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नागरिक अस्पताल में भर्ती मरीज
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बहादुरगढ़। पिछले एक माह से खेतों में फसल कटाई और कढ़ाई का काम किसानों द्वारा किया जा रहा है। फसल कटने के साथ-साथ प्रदूषण भी बढ़ने लगा है। इससे बच्चे लगातार बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। एक साल से 12 साल तक के बच्चों में अस्थमा की शिकायत हो रही है। चिकित्सकों ने बच्चों को प्रदूषण में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। इस तरह की बीमारी से पीड़ित 10 बच्चों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। प्रतिदिन 15 से अधिक केस ऐसे सामने आ रहे हैं। अस्थमा के मरीज गेहूं की कटाई कढ़ाई वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
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नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.आशीष ने बताया कि फसल की कटाई-कढ़ाई किसानों का कार्य है। इस प्रक्रिया को तो रोका नहीं जा सकता। लेकिन परिजनों को बच्चों का व अपना बचाव करना होगा। अप्रैल में फसलों की कटाई के दौरान प्रदूषण बढ़ जाता है और यह अस्थमा मरीजों के लिए हानिकारक होता है। इसी कारण एक से 12 साल के बच्चों में प्रदूषण की वजह से बीमारी घर कर रही है। साथ ही यह बीमारी परिवार में किसी सदस्य को है तो उससे बच्चे को भी हो सकती है। 6 से 15 साल के बच्चों को गर्मी में तेज हवा के साथ धूल-मिट्टी से भी अस्थमा की शिकायत हो रही है। इसके अलावा पसीने में ठंडी चीजों का सेवन करने से भी बीमारी पनप रही है।
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प्रदूषण से होने वाली दिक्कत
- श्वास लेने में कठिनाई होना।
- सीने में जकड़न होना।
- दमा रोगी के श्वास लेने में घरघराहट की आवाज।
- श्वास लेते समय पसीना आना।
- बेचैनी महसूस होना।
- सिर में दर्द और भारीपन।
इन बातों का रखें ध्यान
- दमा रोगी अपनी दवा अपने साथ रखें।
- श्वास लेने में दिक्कत है तो भाप लें।
- सिगरेट-बीड़ी के धुएं बच्चे तक ना जाए
- एलर्जी करने वाली दवा-भोजन से दूर रहें।
- सर्दी-जुकाम के मरीज के सीधे संपर्क में न आएं।
- गेहूं कटाई-निकासी वाले स्थल से दूर रहें।
- नाक-मुंह को ढकने वाला मास्क पहनकर बाहर निकलें।
- रोजाना तीन-चार लीटर पानी जरूर पीएं।
- बच्चों को ठंडी चीजों से दूर रखे।
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