assassinated to establish supremacy
रोहतक। गांव चमारियां में भूप सिंह उर्फ भुला की हत्या के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने गांव के ही युवक के कहने पर वारदात को अंजाम दिया था। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार 16 जून की शाम को भूप सिंह उर्फ भुला साइकिल पर खेत से वापस गांव मे आ रहा था। जब वह गांव में स्थित स्कूल के पास पहुंचा तो बाइक सवार दो युवकों ने भूप सिंह पर हमला कर दिया। भूप सिंह जान बचाने के लिए भागकर एक घर में घुस गया। लेकिन दोनों युवकों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और घर में ही उसकी गोली मारकर हत्या कर दी और हवाई फायर करते हुए बाइक पर फरार हो गए।
जांच के दौरान पुलिस ने 2 जुलाई को अंकित निवासी गांव डीघल (झज्जर) व हरदीप निवासी गांव बिजवासन (दिल्ली) को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गांव चमारियां निवासी संदीप के कहने पर वारदात को अंजाम दिया था। संदीप की भूप सिंह के साथ दुश्मनी थी। दोनों पक्षों में आपस में कई मामले दर्ज हैं। भूप सिंह के चाचा के लड़के की मंजीत की हत्या हुई थी, जिसमें संदीप पर षड्यंत्र करने का आरोप लगा था। संदीप हाईकोर्ट से जमानत पर आया हुआ है। उक्त मामले में भूप सिंह गवाह था। भूप सिंह को रास्ते से हटाकर संदीप गांव में अपना दबदबा बनाना चाहता था। संदीप ने भूप सिंह की हत्या के लिए अंकित व हरदीप से संपर्क किया। संदीप ने भूप सिंह की रेकी की और भूप सिंह की लोकेशन के बारे में अंकित व हरदीप को बताया। अंकित व हरदीप हथियारों से लैस होकर बाइक पर सवार होकर गांव चमारियां पहुंचे और संदीप का इशारा पाकर उन्होंने गोली मारकर भूप सिंह की हत्या कर दी थी।
आरोपी हरदीप अवैध रूप से शराब बेचने का धंधा करता है। आरोपी की गांव में रंजिश है, जिसमें दूसरे पक्ष ने कुछ दिनों पहले हरदीप के साथ मारपीट की थी। जिसमें हरदीप का हाथ टूट गया था। हरदीप को बदला लेना था, जिसके लिए उसे सहयोग की जरूरत थी। इस कारण हरदीप की संदीप व अंकित के साथ दोस्ती हो गई। आरोपी हरदीप, अंकित व संदीप ने मिलकर करीब एक सप्ताह पहले हथियारों के बल पर पानीपत में कार लूट की वारदात को अंजाम दिया है। जिसमें तीनों आरोपी फरार चल रहे थे।