रोहतक। एएसआई संदीप लाठर सुसाइड केस में दो माह में कोई कार्रवाई नहीं होने का हवाला देकर पत्नी संतोष फूट-फूटकर रोईं। कहा-सरकार ने उनकी कोई मांग पूरी नहीं की। मां ने आरोपी हवलदार के जेल से छूटने पर तंज कसा तो चचेरे भाई ने प्रोडक्शन वारंट पर नहीं लेने पर सवाल दागे।
जुलाना (जींद) निवासी साइबर सेल में एएसआई लाठर की पत्नी संतोष, मां इंद्रावती व चचेरे भाई भूप सिंह लाठर ने पुलिस-प्रशासन पर कई आरोप लगाए। गनमैन सुशील को जमानत मिलने पर फूट-फूटकर रोते हुए पत्नी ने कहा-एसआईटी ने कोई कार्रवाई नहीं की। यह वीडियो वायरल भी है।
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उन्होंने इसे पति के साथ अन्याय बताया। कहा, दो महीने में एफआईआर पर कोई कार्रवाई ही नहीं हुई तो संतुष्ट कैसे हो सकती हूं। संदीप ने 14 अक्तूबर को रोहतक से अपने मामा के गांव लाढ़ौत जाकर सुसाइड किया था।
सुसाइड से ऐन पहले बनाए वीडियो व पांच पेज के नोट के आधार पर पत्नी ने सदर थाने में एडीजीपी पूरण कुमार की पत्नी अमनीत पी कुमार, अमनीत के विधायक भाई अमित रतन, आईजी के गनमैन सुशील कुमार और आईजी ऑफिस में एसआईएस सुनील पर एफआईआर लिखाई थी।
डीएसपी दलीप सिंह के नेतृत्व वाली एसआईटी ने 17 पेज की चार्जशीट तैयार करने के दावे किए। यह खूब वायरल की गई लेकिन कोर्ट में पेश नहीं की गई। दो माह में चार्जशीट नहीं आ पाने पर शराब ठेकेदार से ढाई लाख मंथली मांगने के केस में सुशील जमानत पर जेल से छूट गया।
परिजनों का गुस्सा एसआईटी की सुस्ती को लेकर ही है। एसआईटी ने जेल में बंद सुशील को प्रोडक्शन वारंट पर भी नहीं लिया। लाठर की पत्नी ने कहा कि सरकार ने पति को शहीद का दर्जा, मुझे नौकरी, बच्चों की पढ़ाई का प्रबंध व आर्थिक मदद का वादा किया था। पूरा एक न किया।
कहा, सरकार का कोई अधिकारी यह तक सुध नहीं ले रहा कि परिवार कैसे रह रहा है। उन्होंने कहा कि पति को न्याय तब मिलेगा जब एफआईआर में नामजद लोगों पर कार्रवाई होगी। यह भी जोड़ा कि कुछ मिले न मिले, पति को न्याय जरूर मिलना चाहिए।
मां बोलीं-अब पुलिस छुड़ा रही पीछा
तीन बेटियों के बीच संदीप लाठर मेरा इकलौता बेटा था। पति का जल्दी देहांत हो जाने से मैंने ही उसे अंगुली पकड़कर चलना सिखाया था। बेटे की मौत के बाद बहुत लोग आए थे लेकिन अब कोई सुध नहीं ले रहा है। पुलिस विभाग भी पीछा छुड़ाना चाह रहा है। मेरा बेटा चला गया और किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपी भी जेल से बाहर आ गया। -इंद्रावती, मां।
परिवार मांगेगा सरकार के सभी पैरोकारों से जवाबः भूप सिंह
संदीप के चचेरे भाई भूप सिंह लाठर ने कहा कि सरकार ने बड़े-बड़े वादे किए थे। मुख्यमंत्री तक से परिजन मिल चुके लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने जब भी आवाज उठाने का फैसला किया, आश्वासन देकर चुप करा दिया। जांच के नाम पर कुछ नहीं किया गया। एसआईटी अगर सुसाइड केस में आरोपी सुशील कुमार को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करती तो उसे जमानत नहीं मिलती। वह जेल में ही रहता। अब परिवार सरकार के सभी पैरोकारों से जवाब मांगेगा।