हरियाणा के रोहतक में आशा वर्करों और मुख्यमंत्री के बीच मांगों को लेकर विफल रही वार्ता के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन किया गया।
आशा वर्कर विधायक निवास की तरफ बढ़ी तो पुलिस ने उन्हें मानसरोवर पार्क के पास ही गिरफ्तार कर लिया।
इस दौरान आशा वर्करों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर अर्बन इस्टेट थाना ले गई। उन्हें शाम तक थाने में रखकर छोड़ दिया गया।
मंगलवार को जिले की सभी आशा वर्कर मानसरोवर पार्क में एकत्रित हुई। उनके साथ सीटू के कार्यकर्ता भी एकजुट हुए।
सुदेश ने कहा कि हमारी केवल यही मांग है कि हमें 24 घंटे अपने काम के लिए तत्पर रहना पड़ता है इसलिए हमारा कम से कम फिक्स किया जाए।
उन्होंने कहा कि इतनी मेहनत के बाद भी मात्र 500 से 700 रुपये मेहनताना मिलता है।
उन्होंने कहा कि एक दिसंबर को किए गए अभद्र व्यवहार के खिलाफ सैकड़ों आशा वर्करों और सीटू कार्यकर्ताओं ने रोष प्रदर्शन किया।
इसके बाद आशा वर्कर विधायक बीबी बतरा के निवास की ओर बढ़ी तो वहां पहले से तैनात पुलिसकर्मियों ने बेरिकेड लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया।
इस दौरान उनमें झड़प भी हुई। इसी बीच तहसीलदार प्रमोद चहल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बात की लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी बात मानने से इंकार कर दिया।
आशा वर्कर आगे बढ़ने लगी तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और बसों में बैठाकर अर्बन इस्टेट थाना ले गईं।
शाम को उन्हें छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि हम हार मानने वाले नहीं हैं। 12 दिसंबर को दिल्ली में होने वाले संसद मार्च में केंद्र सरकार को घेरने के लिए रोहतक से सैकड़ों आशा वर्कर जाएंगी।
प्रदर्शनकारियों में सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रमेश लौरा, सीटू जिला सचिव प्रकाश चंद्र, प्रधान सतबीर पाकसमा, प्रेम देवी, मान सिंह, प्रेम घिलौड़िया शामिल रहे।