जींद रोड स्थित एक दुकान पर भगवान गणेश की प्रतिमा तैयार करता कारीगार। संवाद
- फोटो : संवाद
रोहतक। गणेश चतुर्थी महोत्सव इस बार 27 अगस्त से मनाया जाएगा। इसको लेकर बाजारों में दुकानें सजाने लगी हैं। वहीं, राजस्थान से आकर कारीगर भगवान गणेश की मूर्तियों को तैयार करने लगे हैं। ज्यादातर मूर्तियां इको फ्रेंडली है
शहर के बाहरी इलाकों में आए कारीगरों के पास 250 रुपये लेकर 20 हजार तक की मूर्तियां उपलब्ध हैं। गणेश चतुर्थी पर जिले में राजस्थानी कारीगरों के हाथों से तैयार की गई बप्पा की मूर्तियां विराजमान होंगी।
इसके लिए शहर व आसपास के लोगों ने बप्पा की मूर्तियां बनवाने के लिए कारीगरों को ऑर्डर देने शुरू कर दिए हैं। इको फ्रेंडली बनाई जा रहीं मूर्तियों से पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।
मूर्तिकार सूरज ने बताया कि आस्था का पूरा ध्यान रखते हुए भगवान गणेश की मूर्तियों को बनाया जा रहा है। बाजार में भी भगवान गणेश की मूर्तियों से अटा हुआ है। यहां ब्रिकी के लिए छोटी-बड़ी कई तरह की मूर्तियां उपलब्ध हैं। इनकी कीमत भी 250 रुपये से शुरू होकर 20 हजार रुपये तक है।
जींद रोड स्थित मूर्तिकार भरत ने बताया कि वह राजस्थान से हर साल परिवार के साथ आकर भगवान गणेश की मूर्तियां तैयार करते हैं। यहां 15 फीट तक की मूर्तियां बनाई जा रही है।
वहीं, शहर के बाजारों के अलावा पंजाब, चंडीगढ़, जींद, बहादुरगढ़, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद तक की मूर्तियां बनाने का काम मिला रहा है।