मृतक सौरभ की बहन नेहा, श्रुति व गमजदा पिता।
प्रवीण की पांचों बहनों की शादी हो चुकी है। हादसे में मौत की सूचना मिलने पर सभी मायके पहुंची और भाई का शव देख सिर्फ एक ही बात कह रही थी कि भाई तू राखी बंधवाने आएगा ना, हम पांचों बहनें तेरा इंतजार कर रही है। हालांकि परिजनों ने उसकी चार बहनों को वापस उनके ससुराल भेज दिया। इसके अलावा बहन मंजू की आंखों की एक टक दरवाजे को देख रही थी कि उसका भाई आएगा। वह रोते हुए कह रही थी कि भाई तू हमें अकेला छोड़ गया, हम किसको राखी बांधेगी। तेरे कारण ही परिवार में रौनक थी। भाई तू उसी रौनक के साथ वापस आ जा।
अब कौन कहेगा दीदी नमस्ते
प्रमोद की दो बड़ी बहने हैं, सबसे बड़ी रितु के पति फौज में है, वह गंगटोक में रह रही है। जिसको अभी उसके भाई की मौत के बारे में नहीं बताया गया है। उससे छोटी ज्योति जिसकी अभी फरवरी में ही शादी हुई थी। प्रमोद का नाम लेते ही उसकी बहन ने कहा कि भाई का सपना आर्मी ज्वाइन करने के बाद परिवार के सभी सदस्यों व बहनों को देश भ्रमण कराने का था। उसमें सेवा में भर्ती होने का इतना जुनून था कि वह घर से पांच किलो मीटर दूर सड़क पर दौड़ लगाने के लिए जाता था। ससुराल से फोन करते तो सबसे पहले भाई ही फोन उठाकर दीदी नमस्ते बोलता था। यह बताते वक्त ज्योति बार-बार बेहोश हो रही थी।