02सीटीके08-स्वीटी बूरा। स्रोत-परिजन
अर्जुन अवाॅर्ड खिलाड़ियों काे नए साल का तोहफा है। इसने मान-सम्मान बढ़ाने के साथ नए साल में नई पहचान भी दिलाई है। यह सम्मान खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएगा। युवा खेलों की ओर आकर्षित होंगे। इससे आने वाले समय में देश को अधिक पदक मिलेंगे। यह कहना है विश्व चैंपियन व भीम एवं अर्जुन अवाॅर्डी बॉक्सर स्वीटी बूरा का। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने अर्जुन अवाॅर्ड मिलने की खुशी साझा की।
हिसार के घिराय की बेटी व रोहतक के चमारिया गांव की बहू स्वीटी बूरा ने बताया कि खेल की दुनिया में यहां तक का सफर आसान नहीं रहा। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी है। इस लंबे संघर्ष में कोविड के दौरान एक बार परिस्थितियां खेल छोड़ने की बन गई थीं। उस समय भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान अर्जुन अवाॅर्डी पति दीपक हुड्डा ने उन्हें प्रेरित किया। इसके चलते दोबारा खेलों से जुड़ीं और वर्ष 2024 में विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। इस वर्ष फिर से विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर चैंपियन का खिताब अपने नाम करना है।
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 25 स्वर्ण पदक जीत चुकीं
बॉक्सर स्वीटी बूरा 75 से 81 किलोग्राम भारवर्ग की खिलाड़ी हैं। वर्ष 2009 से बॉक्सिंग खेल रही 30 वर्षीय खिलाड़ी के नाम कई उपलब्धियां दर्ज हैं। साधारण किसान परिवार से संबंध रखने वाली इस खिलाड़ी ने अपनी सफलता का श्रेय पिता महेंद्र बूरा व पति दीपक हुड्डा को दिया है। अपने खेल अभियान में अब तक जूनियर से सीनियर स्तर तक की स्पर्धाओं में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 25 स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। वर्ष 2016 में इस खिलाड़ी को भीम अवाॅर्ड मिल चुका है।
ये हैं मुख्य उपलब्धियां
- विश्व चैंपियनशिप 2023 में स्वर्ण पदक।
- एशिया चैंपियनशिप 2022 में स्वर्ण पदक।
- एशिया चैंपियनशिप 2021 में कांस्य पदक।
- विश्व चैंपियनशिप 2014 में रजत पदक।
- एशिया चैंपियनशिप 2015 में रजत पदक।