रोहतक। सामान्य हालात में देख कर यह पता नहीं लगाया जा सकता है कि महिला डेढ़ माह की गर्भवती है। ऐसे में कैसे गर्भ में ही बच्चे की हत्या करने के लिए पेट पर लात मारी जा सकती है। अदालत में बचाव पक्ष ने यह तर्क दिया तो कोर्ट ने दो आरोपी महिलाओं को जमानत दे दी।
बचाव पक्ष के वकील पीयूष गक्खड़ ने बताया कि अगस्त 2022 में बलियाना गांव की एक महिला ने शिकायत दी थी कि वह गली से गुजर रही थी। दूसरे पक्ष के लोगों ने जबरन अपने घर के अंदर खींच लिया। वहां न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि जानबूझकर पेट पर लात मारी। इससे उसका डेढ़ माह का गर्भ गिर गया। इसके साथ-साथ वीडियो भी बनाई और पुलिस को फोन कर दिया। उसने पुलिस को हालात से अवगत कराया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी फिलहाल जेल में बंद थी। बचाव पक्ष की तरफ से एएसजे डॉक्टर गगनगीत कौर की अदालत में जमानत के लिए याचिका दायर की गई। दोनों पक्षों की बहस के बाद अदालत ने आरोपी नरेश कुमारी व सिमरन की याचिका मंजूर कर ली।