रोहतक। जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड में पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। रिमांड अवधि के दौरान एसआईटी की पूछताछ में सुखविंदर ने कई सरकारी कर्मचारियों के नाम लिए हैं जिनसे वारदात करने के बाद उसने फोन किया था। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इन सरकारी कर्मचारी सलाहकारों ने सुखविंदर से कहा था इतनी बड़ी वारदात की है, जल्दी हरियाणा से निकलो नहीं तो पुलिस मार देगी। सलाहकारों ने ही उससे कहा था कि दिल्ली में कार की नंबर प्लेट तोड़कर एंट्री करो, पकड़े जाओ। यह बात सामने आने के बाद पुलिस इन सरकारी कर्मचारियों की तलाश कर रही है। दूसरी तरफ पता चला है कि सुखविंदर ने पांच लोगों को पीछे से गोली मारी थी, जबकि मासूम सरताज को सामने से शूट किया था। सुखविंदर ने यह भी पूछताछ में उगला कि वह अपनी ब्लैक लिस्ट में शामिल और लोगों को भी मौका लगते ही मारता।
जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड के आरोपी सुखविंदर से एसआईटी की पूछताछ में सामने आया कि उसने अपने बचाव में कई परिचित सरकारी कर्मचारियों जोकि कानून के ठीक-ठाक जानकार थे। उनसे भागने में मदद ली थी। अब पुलिस की रडार पर वह सरकारी कर्मचारी भी हैं, उन्होंने उसे सलाह दी थी कि रोहतक पुलिस के अलावा हरियाणा पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ना है, नहीं तो पुलिस तुम्हारा एनकाउंटर कर देगी। अपनी कार की नंबर प्लेट को तोड़कर दिल्ली में एंट्री करो। क्योंकि दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस के कड़े कानून हैं, यह देखते ही तुम आसानी से पकड़े जाओगे। साथ ही बताया था कि जैसे ही तुम्हें दिल्ली पुलिस नंबर प्लेट के बाबत पूछताछ करने लगे तो तुम अपनी गतिविधि संदिग्ध कर देना, ताकि तुम्हारी बारीकि से जांच हो और तुम अवैध हथियार सहित पकड़े जाओ। इस तरह करने से तुम पर दिल्ली पुलिस अवैध हथियार का मुकदमा दर्ज करेगी और तुम सुरक्षित तरीके से आसानी से पुलिस हिरासत में चले जाओगे। इसके बाद रोहतक पुलिस सहित हरियाणा की कोई भी पुलिस तुम्हारा एनकाउंटर नहीं कर सकेगी। अपने सलाहकार की यही बात मानकर आरोपी ने कार की नंबर प्लेट को आधा तोड़ दिया और दिल्ली पुलिस द्वारा रोके जाने पर वह कार से नीचे उतर कर भागने लगा और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध पिस्तौल बरामद हुई।
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रोहतक का पहला कूल माइंड क्रिमिनल घोषित हुआ सुखविंदर
आरोपी सुखविंदर रोहतक पुलिस रिकॉर्ड में पहला कूल माइंडेड क्रिमिनल बन गया है। इस जघन्य अपराध के बाद भी उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं है। एसआईटी पूछताछ में आरोपी सुखविंदर ने बताया कि उसने पहले प्रदीप को ऊपर कमरे में बुलाया। इसके बाद मनोज को, सतीश को, पूजा को और फिर साक्षी को क्रम अनुसार कमरे में बुलाकर गोली मारी। आरोपी कमरे के भीतर प्रवेश करने के वक्त हर किसी से दो कदम पीछे हो जाता था और फिर पीछे से गोली मारता था। आखिर में नीचे खेल रहे सरताज को गोद में उठाकर ऊपर लाया और उसे सामने से गोली मारी। गोली आग के रास्ते सिर से आर पार हो गई थी। इन छह को गोली मारने के दौरान भी आरोपी के हाथ नहीं कांपे। वह गोली मारता रहा और दूसरे को बुलाने के दौरान बिल्कुल सामान्य रहा। जिससे किसी को भी शक नहीं हुआ। छह को गोली मारने के बाद उसने बहुत ही सरल भाव से अमरजीत सहित 3 और लोगों को फोन किए, जिनकी उसने हत्याएं करनी थी। सभी से बातचीत के दौरान वह बिल्कुल भी हड़बड़ा नहीं रहा था। आमतौर की बोल चाल की शब्दावली में उसने उन सभी से बात की और मिलने के लिए बुलाया था। जिसकी बातों में अमरजीत आया और उसे एमकेजेके महाविद्यालय के बाहर गोली मार दी थी। पुलिस का मानना है कि ऐसा अपराधी न के बराबर ही होता है।
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सुखविंदर ने जिस तरह से सात लोगों पर गोलियां चलाईं और मासूम बच्चे समेत छह हत्याएं की हैं, वह शातिर दिमाग अपराध है। इसके बाद भी अभी तक की पूछताछ में उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं है। पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है, अभी तक अन्य कोई नाम सामने नहीं आया है। जांच की प्रक्रिया जारी है।
-विनोद कुमार, डीएसपी, एसआईटी