रोहतक। जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड में पुलिस जांच पर लगातार सवाल उठा रहे मृतकों के परिजनों ने शुक्रवार को एसआईटी से आमने-सामने सवाल-जवाब किए। परिजन करीब 20 सवालों की लिस्ट तैयार करके लाए थे। एक घंटे से ज्यादा समय तक परिजन सवाल करते रहे एसआईटी जवाब देती रही। सवाल जवाब के दौरान एसपी राहुल शर्मा भी वहां मौजूद रहे। सबसे बड़ा सवाल दिल्ली पुलिस के कर्मचारी की भूमिका को लेकर था। परिजनों का आरोप था कि जिस तरह सुखविंदर ने दिल्ली में सरेंडर किया, उससे संदेह पैदा होता है कि दिल्ली पुलिस का कर्मचारी उससे मिला हुआ है। रुपये ले-देकर सेटिंग की गई है। उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं की जा रही। इस पर एसआईटी ने वारदात के बाद सरेंडर करने की पूरी कहानी परिजनों को बताई। वहीं एसपी ने दिल्ली पुलिस की भूमिका की जांच करने का आश्वासन दिया।
एसआईटी ने बताया कि अखाड़े में पांच लोगों की हत्या करने के कुछ देर बाद सुखविंदर ने अपना फोन तोड़ दिया था। उसे दिल्ली भागते समय सोनीपत क्षेत्र में फेंक दिया। सुखविंदर दिल्ली पहुंचा और किसी राहगीर का मोबाइल लेकर एक व्यक्ति से बातचीत की। एसआईटी के अनुसार इसी व्यक्ति ने सुखविंदर को सलाह दी कि सरेंडर कर दे। इसके बाद सुखविंदर ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया और समयपुर बादली थाने में सरेंडर कर दिया। एसआईटी ने फिलहाल उस व्यक्ति का नाम नहीं खोला है, जिसने सरेंडर करने की सलाह दी थी। एसआईटी में एसपी राहुल शर्मा, डीएसपी नरेंद्र कादयान, डीएसपी विनोद कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
मृतकों के परिजनों के सवाल और एसआईटी के जवाब
सवाल: दिल्ली पुलिस की कार्रवाई किस आधार पर हुई ?
जवाब: अभी दिल्ली पुलिस ने जो भी कार्रवाई की है, वह पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत है। सुखविंदर ने दिल्ली पहुंचकर सबसे पहले जिस कर्मचारी को सरेंडर की बात कही थी, उस कर्मचारी ने तुरंत इसकी सूचना अपने सीनियर को दी थी। फिर रोहतक पुलिस से संपर्क साधा गया। एसआईटी का कहना है कि अभी तक दिल्ली पुलिस सहयोग कर रही है।
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सवाल: हमें संदेह, दिल्ली पुलिस कर्मचारी के साथ हुई रुपये देकर सेटिंग
जवाब: वैसे तो दिल्ली पुलिस ने पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में रहकर की है, फिर भी परिजनोें की संतुष्टि के लिए रुपये वाले एंगल की जांच एसपी खुद करेंगे।
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सवाल: सुखविंदर ने हत्याकांड के बाद सबसे पहला फोन किसे किया। उसके पिछले 10-15 दिनों की कॉल डिटेल भी निकाली जाए। जिनसे लगातार ज्यादा बार बात हो रही है, उसके अनुसार भी जांच की जाए। इसके अलावा धारा 120 बी में और किसे गिरफ्तार किया गया है।
जवाब: सभी एंगल से जांच चल रही है। कुछ लोग ट्रेसिंग पर भी हैं। जांच प्रभावित न हो इसलिए नाम उजागर नहीं कर रहे। धारा 120बी के तहत भी जांच चल रही है।
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सवाल: क्या वारदात के समय सुखविंदर अकेला था। जिस तरह सात लोगों को गोलियां मार दीं, जिनमें से छह लोगों की मौत हो गई, उससे संदेह है कि उसके साथ कोई और भी था।
जवाब: अभी तक यही सामने आया है कि हत्याकांड को अंजाम देने में सुखविंदर अकेला ही था। लेकिन अखाड़े के आसपास या दो-चार किलोमीटर के एरिया में कोई उसकी मदद के लिए था या नहीं इसकी जांच की जा रही है।
सवाल: क्या गोलियां मारने में था ये अकेला, कौन सी थी पिस्तौल प्रयुक्त
जवाब: गोलियां मारने में यह अकेला ही था। इसने वारदात के दौरान 10 राउंड वाली 32 बोर की पिस्तौल इस्तेमाल की थी। जिसे दिल्ली पुलिस ने कब्जा पुलिस लिया था। दिल्ली पुलिस से यह पिस्तौल ले आए हैं।
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अब तक पुलिस की जांच से हम संतुष्ट
कोच मनोज-साक्षी-सरताज के परिजन प्रमोज, सतीश के परिजन विजय व प्रदीप के परिजन विक्रम ने बताया कि वीरवार तक बहुत सारे सवाल थे, जिनके जवाब हमें नहीं मिल रहे थे। वीरवार को एसपी राहुल शर्मा से भी मिला गया था। शुक्रवार को सीआईए में करीब एक घंटा तक एसआईटी से बात हुई। सभी सवालों के जवाब मिले। जिन सवालों के जवाब नहीं दिए गए, उनके बारे में कहना है कि जांच की जा रही है। जांच प्रभावित न हो इसके लिए भी कुछ सवालों के जवाब नहीं दिए गए। कोच प्रदीप की तरफ से आए राहुल ने बताया कि कुछ सवाल और हैं, जांच पर असर न पड़े इसलिए उनके जवाब बाद में दिए जाएंगे।
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वारदात के वक्त प्रदीप कर रहा था किसी से फोन पर बातचीत, उससे भी की जाए पूछताछ की उसने क्या सुना था फोन पर
-कोच प्रदीप के परिजनों ने पुलिस को बताया कि उन्हें इनपुट मिला है कि प्रदीप फोन पर किसी से बात कर रहा था, जिसे सबसे पहले सुखविंदर ने ऊपर बुलाया था। कमरे के भीतर घुसने के वक्त भी प्रदीप फोन पर ही बात कर रहा था। इसके बाद उसे पीछे से गोली मारी गई। उसका फोन भी नीचे गिर गया था। गोली मारने के बाद सुखविंदर ने उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया था। परिजनों ने पुलिस को कहा कि प्रदीप की कॉल डिटेल निकलवा कर उस सख्श से पूछताछ की जाए, जिससे वह आखिर बार बात कर रहा था। उससे पूछा जाए कि उस वक्त उसने क्या कुछ सुना था। इसके अलावा पुलिस को प्रदीप के परिजनों ने तीन लोगों के नाम दिए हैं, जिनसे वारदात के दिन तीन से ज्यादा बाद आरोपी ने लंबे समय के लिए बातचीत की थी।
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ओमैक्स सिटी सोसायटी के लोगों ने निकाला कैंडल मार्च
जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड के विरोध में, मृृतकों की दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए व घायल कोच अमरजीत के स्वास्थ्य की मंगल कामना के लिए ओमैक्स सिटी सोसायटी के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च शुक्रवार शाम को 7 बजे निकाला गया, जोकि सोसायटी के फ्लोर के बैरियर पर खत्म हुआ।