अखाड़ा हत्याकांड के आरोपी कोच को वीरवार को जेल प्रशासन की तरफ से अदालत में पेश नहीं किया जा सका। इस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक के नाम से वारंट जारी किया है। साथ ही 20 जुलाई को आरोपी को न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 12 फरवरी 2021 को सोनीपत जिले के गांव सरगथल निवासी प्रमोद ने पीजीआई थाने में दी शिकायत में बताया था कि उसका भाई प्रमोद मलिक जाट कॉलेज में डीपी के पद पर कार्यरत थे, जबकि भाभी साक्षी मलिक रेलवे में नौकरी करती थीं। बेटे सरताज के साथ दोनों देव कॉलोनी में रहते थे। उनका भाई अखाड़े में प्रैक्टिस करवा रहा था। आरोप है कि इसी बीच अखाड़े का कोच सुखविंद्र आया और उनके भाई प्रमोद मलिक, भाभी साक्षी, भतीजे सरताज, महिला पहलवान मथुरा निवासी पूजा, पहलवान प्रदीप उर्फ फौजी, दूसरे कोच सतीश व तीसरे कोच अमरजीत को गोली मार दी थी। इस दौरान पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि सरताज को बेहोशी की हालत में पीजीआई तो कोच अमरजीत को निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। बाद में सरताज की भी मौत हो गई थी, जबकि अमरजीत की जान बच गई। मामले में पुलिस ने आरोपी कोच सुखविंद्र को दिल्ली पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया था। उसके खिलाफ अप्रैल माह में पुलिस आरोप पत्र भी दाखिल कर चुकी है। एसीजेएम कोर्ट में मामले में 8 जुलाई को सुनवाई होनी थी। इस दौरान जेल प्रशासन की ओर से आरोपी को पेश नहीं किया जा सका। इस पर जेल अधीक्षक के खिलाफ वारंट जारी किया गया है।
आरोपी कोच सुखविंद्र को वीरवार को अदालत में पेश किया जाना था, लेकिन पुलिस व जेल प्रशासन ने पेश नहीं किया। इसके चलते अदालत ने जेल अधीक्षक के खिलाफ वारंट जारी किया है। साथ ही आरोपी को 20 जुलाई को पेश करने के आदेश भी दिए हैं। -एडवोकेट सुरेश नांदल, वकील पीड़ित पक्ष