माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। जिला नगर योजनाकार विभाग ने बिना नोटिस के ही खरावड़ गांव के पास कृषि योग्य भूमि की दो साल पहले बनी चहारदीवारी तोड़ दी। पीड़ित भू-मालिक व निजी क्लीनिक संचालक डॉ. मनोज गोयल ने डीसी को लिखित शिकायत देकर बेवजह दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
डीसी ने एडीसी नरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी में डीआरओ प्रमोद चहल व नगर निगम एटीपी तिलक राज को सदस्य के तौर पर शामिल किया गया हैं। वहीं, एटीपी वैशाली का कहना है कि नियमों के तहत ही यह कार्रवाई हुई है।
भू मालिक ने डीसी को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी मां राम मूर्ति के नाम पर खरावड़ गांव के पास खेती की जमीन खरीदी थी। लावारिस पशुओं को रोकने व सुरक्षा की दृष्टि से इसके चारों तरफ दो साल पहले चहारदीवारी कराई गई थी।
छह मार्च को डीटीपी के अधिकारियों व कर्मचारियों ने बिना किसी नोटिस या जानकारी के यह दीवार गिरा दी। उन्हें सुनवाई का मौका भी नहीं दिया। इससे उन्हें 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। यहां किसी तरह का निर्माण, कॉलोनी डेवलपमेंट या व्यावसायिक गतिविधि नहीं चल रही थी। हमारी जमीन पर किसी तरह का भूमि के उपयोग (सीएलयू) में बदलाव नहीं हुआ है। आरोप लगाया कि यह एक तरह से दबाव बनाने का प्रयास किया गया है।
यही नहीं, इसी सड़क पर कई कंस्ट्रक्शन साइट व प्लॉटिंग गतिविधियां (लगभग 7-8 साइट) खुलेआम हो रही हैं। इसमें प्रॉपर्टी से सटी चहारदीवारी भी शामिल हैं। इसके बावजूद विभाग ने केवल उनकी खेत की ही दीवार तोड़ी। इसे चुनकर निशाना बनाया गया है। यह संबंधित अधिकारियों के भेदभाव व गलत इरादे से की गई कार्रवाई को दर्शाता है। इलाके में दूसरे गैरकानूनी कंस्ट्रक्शन व प्लॉटिंग एक्टिविटी की भी जांच करने की मांग की गई है।
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शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। एडीसी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। आरोपों में सच्चाई मिली तो सख्त कार्रवाई होगी।
- सचिन गुप्ता, डीसी
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विभाग ने खरावड़ गांव के पास निर्माण गिराया है। यह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत किया गया है। भूमि मालिक को दो बार नोटिस भेजा गया। इसका कोई जवाब नहीं आया। इस कारण यह कार्रवाई की गई। नोटिस का जवाब नहीं आने से स्थिति अस्पष्ट रही।
- वैशाली, एटीपी, जिला नगर योजनाकार