झज्जर। निजी व सरकारी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया जारी है। कई स्कलों में स्कूल परिसर में ही किताब, कॉपी, वर्दी के अलावा स्टेशनरी तक महंगे दामों पर बेची जा रही है। फीस बढ़ा दी है। हर साल दाखिले के नाम पर एडमिशन फीस ली जा रही है। कई निजी स्कूल तो एडमिशन फीस को मासिक फीस में एडजेस्ट कर ले रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग मौन है।
अधिकारी खुद निरीक्षण करने की बजाय शिकायतों का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों की माने तो शिकायत के बाद कार्रवाई होगी जबकि खंड स्तर पर बीईओ खुद स्कूलों में जाकर जांच कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। बुधवार को खुद जिला उपायुक्त शक्ति सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग के नियमों को हर हाल में निजी स्कूलों को मानना होगा। यदि कोई नियमों के खिलाफ जाकर स्कूल परिसर में ही वर्दी, किताब, कॉपी बेचता है या मनमाने ढंग से फीस बढ़ाता है तो नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। डीसी शक्ति सिंह ने कहा कि अभिभावकों पर अनावश्यक बोझ नहीं डालने दिया जाएगा।
वर्जन
हमारे पास अब तक किसी अभिभावक की कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। बीईओ भी अपने स्तर पर ब्लाक में जाकर चेकिंग कर रहे हैं।
राजेश खन्ना, जिला शिक्षा अधिकारी
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मेरी कुछ दिन से चुनाव में ड्यूटी लगी हुई है। इसलिए फिलहाल जानकारी नहीं है कि ऐसी कोई शिकायत आई हो। यदि शिकायत आती है तो कार्रवइार् की जाएगी।
रूपेंद्र नांदल, खंड शिक्षा अधिकारी, झज्जर