02सीटीके05-सीआर पालीटेक्निक संस्थान के मैदान में फुटबॉल खेलते खिलाड़ी। स्रोत : संवाद
रोहतक। बढ़ता प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन गया है। बुजुर्गों का घूमना-फिरना और खिलाड़ियों का अभ्यास इससे प्रभावित होने लगा है। एमडीयू समेत शहर के विभिन्न खेल परिसरों में सुबह के समय व्यायाम करने वालों की संख्या में कमी आई है। हवा के कारण प्रदूषण छंटने पर शाम को ज्यादा लोग अभ्यास करने आते हैं। अस्पतालों की ओपीडी में भी श्वास संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ गई है, इनमें दमा व अस्थमा के मरीज अधिक हैं।
दिवाली पर ज्यादा बढ़ा प्रदूषण का स्तर
दिवाली पर हुई आतिशबाजी व खेतों में जलती पराली से हवा जहरीली हो गई है, इसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ रहा है। पीजीआईएमएस के मेडिसन व पल्मनरी एंड क्रिटिकल केयर विभाग में 30 प्रतिशत मरीज बढ़ गए हैं। इसमें श्वास लेने में तकलीफ, बेचैनी होना, सांसें तेज चलने की समस्या वाले ज्यादा मरीज हैं। ऐसा प्रदूषण बढ़ने के कारण हो रहा है। दमा व अस्थमा रोगियों के लिए अलावा बुजुर्ग भी शामिल हैं, इनके लिए शुद्ध हवा जरूरी है। प्रदूषित हवा के कारण फेफड़े ठीक से काम नहीं कर पाते हैं। इस कारण मरीज की हालत बिगड़ने लगती है।
खिलाड़ियों ने कम किया सुबह के समय अभ्यास
एमडीयू के एथलेटिक्स कोच रमेश सिंधू ने बताया कि प्रदूषण का स्तर ज्यादा होने के कारण यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। ऐसे मौसम में खुले में अभ्यास करना खिलाड़ी के लिए फेफड़ों संबंधी रोग को निमंत्रण देना है। इसीलिए सुबह के समय खिलाड़ी अभ्यास कम कर रहे हैं। शाम को हवा साफ होने से अभ्यास ज्यादा किया जा रहा है।
300 पार पहुंचा एक्यूआई
एक्यूआई शनिवार को 300 पार बना रहा। यह शाम चार बजे 224 दर्ज किया गया। दिनभर एक्यूआई 200 से 300 के बीच ही रहा। यह शुक्रवार रात 12 बजे अधिकतम 346 दर्ज किया गया। औसत एक्यूआई 172 रहा। इससे सभी चिंतित हैं।
मौसम बदल रहा है। नमी बढ़ने लगी है। इन दिनों वाहनों के अलावा आतिशबाजी व पराली जलने से भी प्रदूषण बढ़ रहा है। यह खतरनाक स्तर पहुंच गया है। इससे श्वास के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मरीज को आपातस्थिति में राहत के लिए इनहेलर साथ रखने की सलाह भी दी जा रही है।
डॉ. पवन, पल्मनरी एंड क्रिटिकल केयर विभाग, पीजीआईएमएस।