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बिना जांची उत्तरपुस्तिकाएं गायब, प्रबंधन का दावा- कमरे में ही मिलीं

Wed, 02 Dec 2015 02:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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एमडीयू के बाद अब पीजीआई में भी शातिरों के हाथ गोपनीय शाखा तक पहुंच गए हैं।
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हेल्थ विवि की गोपनीय शाखा के दरवाजे और अलमारी के नकुचे टूटे मिले हैं। रात को हुई वारदात के बाद यहां से बिना जांची गई उत्तरपुस्तिकाएं चोरी होने से हड़कंप मच गया है।

हालांकि परीक्षा कंट्रोलर का दावा है कि कमरे में ही 16 उत्तरपुस्तिकाएं मिल गई हैं। हालांकि अभी देखा जा रहा है कि कुछ और तो मिसिंग नहीं है।

वहीं, मंगलवार को जांच अधिकारी एएसआई राजकुमार ने पीजीआई पहुंचकर मौका मुआयना किया और कुछ लोगों के बयान भी लिए हैं।

पुलिस ने एग्जाम कंट्रोलर से सेंटरवाइज आंसरशीट की जानकारी ली। साथ ही पूछा कि आंसरशीट जमा करते हुए वक्त कौन कौन अधिकारी और कर्मचारी वहां मौजूद थे।

इधर, पीजीआई अधिकारी भी हर सेंटर के हिसाब से यह तथ्य जुटाने में लगे हैं कि किस सेंटर से कितनी कॉपियां आईं थीं? कब जमा की गई थी ?प्रबंधन अपने कर्मचारियों को भी शक के दायरे में लेकर चल रहा है।
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इसी लिहाज से पुलिस को जांच में पूरी आजादी देने की बात भी कही जा रही है।
पीजीआई के गोपनीय शाखा के दरवाजे की कुंडी और आलमारी की नकुचे तोड़ कर बीफार्मा, एमफार्मा और बीडीएस की बगैर जांची गई आंसरशीट चोरी हो गई हैं। आनन फानन में पुलिस को सूचना दी गई। एग्जाम कंट्रोलर डॉ. संजय कुमार ने पहले दावा किया है कि जिस कमरे का दरवाजा और आलमारी टूटी मिली हैं, उसी में एक तरफ 16 आंसरशीट मिल गई हैं। हालांकि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के साथ ही जांच भी शुरू कर दी है।
 


दिलचस्प बात ये है कि अभी तक यह भी पता नहीं चल पाया है कि चोरी की गईं आंसरशीट कितनी थीं? कमरे में ही कुछ आंसरशीट मिलने के बाद यह माना जाने लगा था कि 16 आंसरशीट ही निकाली गई थीं।

हालांकि अब पीजीआई प्रशासन कह रहा है कि इसकी जांच की जा रही है और आंसरशीट के सीरियल नंबर मिलाए जा रहे हैं।
लिख कर वहीं तो नहीं छोड़ दी आंसरशीट
आंसरशीट मिलने के बाद इस बात की भी चर्चा है कि हो सकता है आंसरशीट निकाल कर उसमें छूटे हुए आंसर लिख कर वहीं छोड़ दी गई हाें। यह भी हो सकता है कि किसी ने जानबूझ कर कुछ चुनिंदा कॉपियां ही निकाली हाें और फिर उसे कमरे के कोने में दबा दिया हो। अटकलें यह भी लगाई जा रही हैं कि गुमराह करने के लिए कुछ आंसरशीट कमरे में फेंकी गई हों और कुछ विशेष छात्रों की आंसरशीट निकाल ली गई हों? हालांकि इन सारे सवालों केजवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे।
अपने भी हैं शक के दायरे में
पीजीआई प्रबंधन के मुताबिक यह पहला मामला है, जब यहां से आंसरशीट चोरी होने की घटना हुई है। प्रबंधन कुछ कर्मचारियों और छात्रों की भूमिका से भी इनकार नहीं कर रहा है।
कॉपियों की संख्या सैकड़ों में
सूत्रों के दावों पर यकीन करें तो चोरी गई कॉपियों की संख्या सैकड़ों में हैं। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर पीजीआई के एक कर्मचारी ने बताया कि कॉपियों की संख्या कम से कम 500 से ज्यादा हो सकती है। इनमें से कुछ कॉपियां ही कमरे में एक कोने में पड़ी हुई मिली है। शेष कॉपियों का अभी तक कोई पता नहीं है।
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इनका कहना है
दरवाजे की कुंडियां टूटी हुई थीं और आलमारी का दरवाजा भी कुंडी तोड़ कर खोला गया है। कुछ आंसरशीट मिल गई हैं। हम यह पता लगाने में जुटे हैं कि और कितनी आंसरशीट गायब हैं। पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया गया है। पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है। हम जांच में पूरा सहयोग करेंगे। दोषी चाहे बाहर का हो या अंदर का उसे बख्शा नहीं जाएगा।
डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक पीजीआई हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी रोहतक।
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