रोहतक। अमेरिकी टैरिफ उद्यमियों व व्यापारियों को प्रभावित करेगा। 7 अगस्त से लगने वाला 25 प्रतिशत टैरिफ हमारे उत्पाद को महंगा कर देगा। इससे उद्योगों को नुकसान होगा। इस टैरिफ के लिए भारत को ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए।
हमें अमेरिकी ई कॉमर्स कंपनियों से सामान खरीदना बंद करने के साथ स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल पर और ज्यादा जोर देना चाहिए।
यही नहीं, टैरिफ के चलते हमें अपने उत्पाद की गुणवत्ता को बेहतर बनाना चाहिए। इससे माल महंगा होने पर भी बिक जाएगा।
हम बाजार में बने रहेंगे। साथ ही, भारत दूसरे देशों के साथ व्यापार समझौता करे और अमेरिकी ई-कॉमर्स का बहिष्कार कर स्वदेशी ई-कॉमर्स को अपनाए।
अमेरिका से आने वाले सामान पर भी टैरिफ लागू करने की आवश्यकता है। अमर उजाला कार्यालय में बुधवार को आयोजित संवाद कार्यक्रम में उद्यमियों व व्यापारियों ने अमेरिका के टैरिफ लगाने पर अपनी राय रखी। हालांकि देर शाम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 प्रतिशत और अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा कर दी है। अतिरिक्त टैरिफ 21 दिन बाद लागू होगा।