रोहतक। हरियाणा और केरल के बीच 13 से 17 नवंबर को लाहली स्थित चाैधरी बंसीलाल स्टेडियम में खेले गए रणजी ग्रुप सी मैच में हरियाणवी खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन रहा। यह मैच ड्रॉ रहा, लेकिन इसमें अंशुल कांबोज ने केरल के सभी 10 विकेट लेकर अपना लोहा मनवाया। रणजी में यह कीर्तिमान करने वाले वह देश के तीसरे और हरियाणा के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इस प्रदर्शन से अंशुल का भारतीय टीम में चयन होना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं देश-प्रदेश के खेलप्रेमी भी उनकी खूब सराहना कर रहे हैं। इससे पहले पंजाब से हुए मुकाबले में निशांत सिंधु ने जबरदस्त ऑलराउंडर प्रदर्शन कर दोनों पारियों में छह और पांच विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
केरल के खिलाफ कमजोर दिखी बल्लेबाजी
केरल के खिलाफ हरियाणा की बल्लेबाजी काफी कमजोर रही। दोनों ही पारियों में किसी भी खिलाड़ी ने 30 रन का आंकड़ा भी नहीं छुआ। निशांत सिंधु ने सबसे अधिक 29 रन बनाए। केरल की गेंदबाजी के आगे पूरी टीम रक्षात्मक नजर आई। इसके कारण पहली पारी में पूरी टीम 164 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। दूसरी पारी में एसपी कुमार और जेजे यादव ने एक-एक विकेट लिए।
10 विकेट लेकर इतिहास रचने वाले पहले हरियाणवीं खिलाड़ी बने अंशुल
अंशुल कांबोज ने पहली पारी में 1.62 की इकोनॉमी रेट से काफी किफायती गेंदबाजी की। अंशुल 10 विकेट लेने वाले हरियाणा के पहले खिलाड़ी भी बने। इससे पहले हरियाणा की ओर से किसी खिलाड़ी ने एक मैच में इतने विकेट नहीं लिए हैं। वहीं इस साल खेली गई दलीप ट्रॉफी में भी कांबोज ने शानदार प्रदर्शन कर सर्वाधिक विकेट लिए थे।
निशांत सिंधु बन सकते हैं भारत के नए ऑलराउंडर
लाहली स्थित चौधरी बंसीलाल स्टेडियम में बीते 6 से 8 नवंबर को हरियाणा और पंजाब के बीच हुए ग्रुप सी का रणजी मुकाबला हुआ। इसमें निशांत सिंधु ने बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन किया। निशांत ने पहली पारी में 2.47 की इकोनॉमी रेट की गेंदबाजी करते हुए छह विकेट और दूसरी पारी में 3.73 की इकोनॉमी दर से पांच विकेट झटके। इस प्रदर्शन के बाद उन्होंने साबित कर दिया कि उनमें भी एक बड़े खिलाड़ी बनने की योग्यता है। हालांकि उन्होंने बल्लेबाजी में दोनों पारियों में 17 रन ही बनाए। खेल विशेषज्ञों की माने तो निशांत भारतीय टीम के ऑलराउंडर बन सकते हैं।