रोहतक। नगर निगम के नागरिक सुविधा केंद्र नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने के लिए कैश काउंटर दो से बढ़ाकर तीन कर दिए हैं, क्योंकि छूट की आखिरी तिथि नजदीक आने के कारण टैक्स जमा करवाने आने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है। इसके साथ ही निगम से मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से नौ एजेंडों पर जवाब मांगा गया है, क्योंकि 29 सितंबर को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों की बैठक लेंगे।
नगर निगम की ओर से वर्ष 2023-24 में प्रॉपर्टी टैक्स का टारगेट 36 करोड़ रुपये रखा था, जबकि 2022-23 में लक्ष्य 55 करोड़ रुपये रखा गया था, लेकिन निगम 30 करोड़ रुपये ही पूरे वर्ष में वसूल कर सका था। इस बार प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी का लक्ष्य कम दिया गया, इसके बावजूद रिकवरी की स्थिति संतोषजक नहीं है। निगम ने अभी तक सवा लाख प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बांटे हैं, जबकि प्रॉपर्टी आईडी दो लाख 16 के करीब हैं। दूसरा आम लोग प्रॉपर्टी की त्रुटियों से परेशान हैं। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच चुकी है। सवा माह पहले मुख्यमंत्री ने प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर न केवल अधिकारियों की बैठक ली, बल्कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे। अब सवा माह बाद मुख्यमंत्री प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर पूरे प्रदेश की स्थिति का अवलोकन करेंगे। उसी स्थिति में मुख्यमंत्री 30 सितंबर के बाद 15 प्रतिशत की छूट जारी करने या न करने का निर्णय लेंगे।
यह पूछा नगर निगम से, रिपोर्ट तैयार कर रहे अधिकारी
-कितनी नई व पुरानी प्रॉपर्टी आईडी का समायोजन हुआ।
-कितनी प्रॉपर्टी आईडी को आपत्ति लगाकर वापस भेजा गया। वापस आने पर कितनी आईडी का समाधान हुआ।
-नगर निगम की ओर से कितने नए प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भेजे गए।
-कितनी प्रॉपर्टी आईडी को परिवार पहचान पत्र से जोड़ा गया।
-कितने लोगों ने ऑनलाइन आकर स्वयं अपने प्रॉपर्टी टैक्स के बिल का सत्यापित किए।
-मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना को लेकर कितने दुकानदारों की रजिस्ट्री हुई।
-पीएम स्वनिधि योजना के तहत कितने लोगों को राशि दी गई।
-कितनी कॉलोनियों को वैध किया गया और कितनी कॉलोनियों की सूची वैध करने के लिए तैयार की गई।
-घर-घर कचरा कलेक्शन को लेकर सड़कों की सफाई की क्या स्थिति है।
प्रॉपर्टी की व्यवस्था को सुधारने के लिए गहराई से नजर रखी जा रही है। दो की जगह तीन कैश काउंटर बनाए गए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की बैठक को लेकर टैक्स ब्रांच के अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है।
विजय सिंह, संयुक्त आयुक्त नगर निगम