वैश्य संस्था के महाराजा अग्रसेन स्टेडियम में लॉ के अंतिम वर्ष के छात्र अंकुश की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ अभी खाली हैं। पुलिस मामले में पुरानी रंजिश व मायना के एक युवक की धमकी के एंगल पर जांच आगे बढ़ा रही है, लेकिन अभी तक पुलिस किसी भी आरोपी को पकड़ नहीं सकी है। मामले में एसपी ने शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस के अलावा सीआईए की तीनों टीमों को हत्याकांड में जांच के लिए लगाया है।
पुलिस के मुताबिक मृतक के भाई आकाश ने बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ दिल्ली में रहता है, जबकि बड़ा भाई अंकुश दादी के पास रोहतक के विजय नगर में रह रहे थे। वह गाजियाबाद से एलएलबी की पढ़ाई कर रहे थे। सोमवार को उनके दोस्त नीतिश व कूकी घर पर बुलाने आए थे। तीनों अग्रसेन स्टेडियम में कसरत करने चले गए। उसने बताया कि अंकुश कसरत करने लगा, जबकि नीतिश व कूकी पास बैठे थे। इसी बीच वहां दो युवक आए और ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी। इससे गोली लगने के कारण अंकुश की मौके पर ही मौत हो गई। आकाश ने बताया कि उसके भाई की हत्या साजिश के तहत की गई है। उसे पूरा शक है इसमें लोकेश उर्फ गोगी, रोबिन अहलावत, दीपक छिल्लर, चिंटू खरावड़िया व तेजस बोहर शामिल हैं। उसने यह भी शक जताया है कि मायना गांव के युवक व उसके साथियों ने भी अंकुश को धमकी दे रखी थी। वारदात के पीछे उनका भी हाथ हो सकता है। पुलिस ने मामले में गोगी, रोबिन, दीपक, चिंटू व तेजस के अलावा गोलू के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। केस में हत्या, साजिश में शामिल व आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।
उधर, जिला अदालत के सीनियर वकील मोहित वर्मा ने बताया कि अंकुश जिला अदालत में वकालत करना चाहते था, इसके लिए वह लॉ की पढ़ाई कर रहे था। अकुंश की हत्या किस वजह से की गई, यह पुलिस की जांच के बाद ही खुलासा हो सकेगा।
पीजीआई में अंकुश के शव का कोरोना टेस्ट कराया गया। मंगलवार शाम को 4 बजे तक रिपोर्ट आने की उम्मीद थी, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली। अब बुधवार को रिपोर्ट आने के बाद ही पोस्टमार्टम हो सकेगा। अभी मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस कई अहम चीजों को ध्यान में रखकर जांच में जुटी हुई है।
-बलवंत सिंह, इंस्पेक्टर एवं थाना प्रभारी शिवाजी कॉलोनी