रोहतक। चार साल पहले रुड़की गांव में हुए अंकित हत्याकांड के आरोपी गांव के ही युवक सोनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को उसे अदालत में पेश किया, जहां से दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसका विकास उर्फ कासा गांव के स्टेडियम में कबड्डी की प्रैक्टिस करता था। मृतक अंकित ने उसके साथ मारपीट की। उसका बदला लेने के लिए योजना के तहत अंकित की गला काटकर हत्या की थी।
आईएमटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुशील कुमार ने बताया कि दिसंबर 2019 में सूचना मिली कि रुड़की गांव के पास ड्रेन में एक युवक का शव पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो मृतक की पहचान गांव के युवक 21 वर्षीय अंकित के तौर पर हुई। पुलिस ने मृतक के पिता के बयान पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच की। जांच में पुलिस को पता चला कि अंकित खेतीबाड़ी का काम करता था। 20 दिसंबर की शाम गांव का ही युवक सोनू उसे घर से बुलाकर ले गया था। रात को अंकित वापस घर नहीं आया। सुबह अंकित का शव ड्रेन पड़ा मिला, जिसके शरीर पर चोट के निशान थे और गला कटा हुआ था। मामले की जांच के करते हुए पुलिस ने वारदात के बाद से फरार आरोपी सोनू उर्फ कानिया को सोनीपत रोड रोहतक से गिरफ्तार किया गया है। जबकि आरोपी विकास उर्फ कासा व सचिन 2019 व तीसरे आरोपी मंदीप को 2020 में गिरफ्तार किया जा चुका है। सोनू ही फरार चल रहा था।
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अंकित ने सोनू के भाई से की थी मारपीट
पुलिस को जांच में पता चला कि आरोपी सोनू का भाई विकास उर्फ कासा कबड्डी का खिलाड़ी है और गांव में बने स्टेडियम में कबड्डी का अभ्यास करता था। 18 दिसंबर 2019 को अंकित का विकाश उर्फ कासा के साथ स्टेडियम में झगड़ा हो गया। झगड़े में अंकित ने विकास के साथ मारपीट की। मारपीट का बदला लेने के लिए विकास उर्फ कासा ने अपने भाई सचिन व सोनू के साथ मिलकर अंकित की हत्या करने की योजना बनाई। सोनू योजना के तहत अंकित को घर से बुलाकर लाया तथा खेतो में ड्रेन के पास निर्माणाधीन मकान पर ले गए। जहां पर विकास उर्फ कासा, सचिन व सोनू ने अपने दोस्त मंदीप के साथ मिलकर लाठी व सरियों से अंकित को पीटा और गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी शव ड्रेन में फेंक कर फरार हो गए थे।