पिछले दो दिनों से मौसम की चाल में काफी बदलाव आया है। दिन में शीत लहर और रात में कोहरे ने दिनचर्या बदल दी है। ठंड के कहर और तिलियार जू प्रबंधन की लापरवाही से जानवर भी ठिठुरने को मजबूर हैं। तिलियार मिनी जू के पशु पक्षियों का हाल-बेहाल है।
बाड़े में सर्दी से बचाव का कोई इंतजाम नहीं है। शीत लहर और कोहरे की वजह से दिन भर पशु पक्षी बाड़े के अंदर दुबके रहते हैं। बंदर और कई पक्षियों के अलावा विदेशी बतखों को घास का सहारा लेना पड़ रहा है।
वहीं हिरणों के लिए घास का बना झप्पर भी टूट चुका है। बावजूद तिलियार जू प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। हालांकि प्रबंधन ने जू की एकमात्र शान तेंदूए के लिए बाडे़ में हिटर लगाया गया है।