बहादुरगढ़। साढ़े तीन महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस खिलाड़ी अमन की मौत के मामले में दोषियों का पता नहीं लगा पाई। पुलिस की जांच कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी। अमन की मौत मामले में खिलाड़ियों और परिजनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब परिजन न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
मृतक अमन के पिता सुरेश का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई एफआईआर दर्ज करने के बाद आगे नहीं बढ़ी। उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है। न तो लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की पहचान हुई और न ही किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज वकील को सौंप दिए गए हैं। जल्द ही अदालत में केस दायर किया जाएगा। मामले में खेल विभाग, पीजीआईएमएस रोहतक के डॉक्टरों, नगर परिषद और संबंधित स्कूल प्रशासन को भी पार्टी बनाया जाएगा ताकि मामले की जिम्मेदारी तय हो सके।
उनका आरोप है कि वे लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली लेकिन उसके बाद जांच की रफ्तार बेहद धीमी है।
उन्होंने कहा कि अब उन्हें न्याय के लिए अदालत का सहारा लेना पड़ रहा है। अदालत में मामला जाने के बाद पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई संभव हो सकेगी।
यह है मामला
23 नवंबर 2025 को शहर के रेलवे रोड पर स्थित शहीद ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेडियम में अभ्यास के दौरान बास्केटबॉल पोल गिरने से खिलाड़ी अमन गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे रोहतक के पीजीआईएमएस में भर्ती कराया गया। 24 नवंबर को उसकी मौत हो गई थी। 25 नवंबर को परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। दिसंबर के पहले हफ्ते में थाना शहर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
वर्जन
अमन की मौत के मामले में अभी खेल विभाग की ओर से रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। खेल विभाग की रिपोर्ट के अनुसार ही पुलिस की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
-मयंक मिश्रा, डीसीपी, बहादुरगढ़।