रोहतक। महम के कांग्रेस विधायक बलराम दांगी के कार्यालय पर खरैंटी निवासी अमन उर्फ बाज ने गोलियां चलाई थीं। उसका साथी लाखनमाजरा निवासी अमन बाइक चला रहा था। अमन लाखनमाजरा को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है लेकिन अमन उर्फ बाज पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है।
पुलिस के मुताबिक, 21 मई 2025 को महम बस स्टैंड के नजदीक शराब ठेके पर फायरिंग हुई थी। सीआईए द्वितीय ने 27 मई को आउटर गोहाना बाईपास पर सुंदरपुर गांव के नजदीक खरैंटी निवासी अमन उर्फ बाज व पोलंगी निवासी पूरव हुड्डा को घेर लिया था। दोनों तरफ से 15 गोलियां चली थीं।
आठ गोलियां आरोपियों की तरफ से तो सात गोलियां पुलिस ने चलाई थीं। मुठभेड़ में अमन उर्फ बाज के कूल्हे तो पूरव के पैर में गोलियां लगी थीं। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि दोनों ने गैंगस्टर सुमित उर्फ छोटा सैमाणिया के इशारे पर शराब ठेके पर गोली चलाई थी।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। चार माह पहले अमन उर्फ बाज जमानत पर आया था। सोशल मीडिया के माध्यम से विदेश जा चुके गैंगस्टर सुमित उर्फ छोटा सैमाणिया के संपर्क था।
छोटा के इशारे पर दहशत फैलाने के लिए नए साथी लाखनमाजरा निवासी अमन के साथ अमन उर्फ बाज विधायक बलराम दांगी के कार्यालय के बाहर आए थे। बाइक पर पीछे बैठे अमन उर्फ बाज ने कार्यालय पर चार गोलियां चलाई थीं।
अमन लाखनमाजरा पुलिस कस्टडी में पीजीआई में उपचाराधीन
दो दिन पहले मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार लाखनमाजरा निवासी अमन को पैर में गोली लगने के कारण पीजीआई में पुलिस कस्टडी में दाखिल कराया गया है। इससे पहले उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। डॉक्टरों की अनुमति मिलने पर मंगलवार को महम पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी दर्शा सकती है। उधर, अमन उर्फ बाज पुलिस की गिरफ्त से अभी बाहर है।