संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जिलास्तरीय अंडर-17 योग प्रतियोगिता की चयन प्रक्रिया को लेकर खिलाड़ी आदर्श की माता कामना भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से नियमों का पालन नहीं किया गया। नियमों की अनदेखी कर चुनिंदा खिलाड़ियों को लाभ पहुंचाया गया है।
कामना ने कहा कि ब्लॉकस्तरीय प्रतियोगिता में केवल प्रथम स्थान प्राप्त खिलाड़ियों को जिलास्तर पर भेजने का प्रावधान है लेकिन कुछ मामलों में इस नियम का पालन नहीं हुआ। यदि नियमों में बदलाव किया गया था तो उसका लाभ सभी को समान रूप से मिलना चाहिए था।
वहीं, अभिभावकों ने व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि योगासन जैसी तकनीकी प्रतियोगिता में जरूरी योग मैट, आर्टिस्टिक इवेंट के लिए निर्धारित क्षेत्र और विशेष मैट जैसी सुविधाएं नहीं दी गईं। इससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर पड़ा।
कामना का आरोप है कि कुछ खिलाड़ियों की प्रस्तुति में बार-बार हस्तक्षेप किया गया जबकि अन्य के साथ ऐसा नहीं हुआ। मूल्यांकन में एकरूपता न होने और चयन प्रक्रिया में भेदभाव के आरोप भी लगाए गए। सभी अधिकारियों और निर्णायकों की नियुक्ति प्रक्रिया की जांच हो।
प्रतिभागियों की संख्या कम और समय पर समाप्ति के बावजूद परिणाम घोषित करने में कई दिन की देरी हुई जिससे पारदर्शिता पर संदेह हुआ। उन्होंने वीडियो रिकॉर्डिंग, स्कोर शीट और अन्य अभिलेखों की स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वर्जन
सभी खेलों के परिणाम साथ के साथ जारी किए गए हैं। खिलाड़ी की हार या कम स्कोर के बाद अक्सर शिकायतें आती हैं। शिकायत को अवश्य जांचा जाएगा। -अशोक नांदल, नोडल अधिकारी, जिलास्तरीय खेल कूद प्रतियोगिता