संवाद न्यूज एजेंसी
सांपला। सिंचाई विभाग की तरफ से नहरों की सफाई में लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। किसान सफाई के काम में फर्जीवाड़े की शिकायत कर रहे हैं। यह हकीकत अधिकारियों के सामने भी आ चुकी है।
जुलाई 2026 के पहले सप्ताह में इलाके की नहरों की सफाई कराई गई थी। इस पर लाखों रुपये खर्च किए गए लेकिन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। मोर खेड़ी समचाना के किसानों ने सरकार से फर्जीवाड़े की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
किसान मोहित, सज्जन, रवि, महावीर और अशोक ने बताया कि जसराना नहर की सफाई ठीक से नहीं हुई है। मोरखेड़ी के पास पुलिया अभी भी अटी पड़ी है और घास उगी हुई है। 21 अप्रैल 2026 से टेल पर पानी नहीं पहुंचा है।
पानी की किल्लत से फसलें प्रभावित
नहरों की सफाई न होने से पानी का बहाव धीमा हो जाता है। इससे अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता, जिससे किसानों को फसलों की सिंचाई में परेशानी हो रही है। 13 जुलाई 2026 से पानी चलने के बावजूद कंसाला से आगे नहीं पहुंचा है।
मोरखेड़ी, समचाना, भैंसरू खुर्द, हसनगढ़ कला, दतौड़, गिझी, नयाबास, कुलताना और चुलियाणा के गांव पानी को तरस रहे हैं। सिंचाई विभाग अधिकारी अरुण मुंजाल ने जसराना नहर में सफाई की कमी और पानी की चोरी को टेल तक पानी न पहुंचने का कारण बताया।