भाजपा में पांच साल कंधे से कंधा मिलाकर मंच साझा करने वाले पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर व महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू के बीच आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। विदेश से लौटे पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने पलटवार करते हुए कहा है कि महम के विधायक बताएं कि उनके पास 7 हजार करोड़ की संपत्ति कहां से आई। जवाब में बलराज कुंडू का कहना है कि वे 23 साल से कारोबारी हैं। मंत्री या विधायक रहते उन्होंने यह कारोबार खड़ा नहीं किया, बल्कि मेहनत की है।
मेरी बजाए महम की जनता की चिंता करें कुंडू
रविवार को नागरिकता संशोधन एक्ट के समर्थन में भाजपा की तरफ से जनजागरण अभियान चलाया गया। झज्जर चुंगी के नजदीक निजी गार्डन में मीडिया से बातचीत करते हुए ग्रोवर ने कहा कि महम के विधायक बलराज कुंडू पहले यह बताएं कि 7000 करोड़ की संपत्ति उनके पास कहां से आई। उन पर आरोप लगाने की बजाय महम की जनता ने उन्हें विधायक चुना है, इसलिए वे महम के लोगों की चिंता करें। जहां तक मेरे ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं, उनकी मैं जांच को तैयार हूं। क्योंकि जो आरोप लगाए गए हैं, उनका मेरे से कोई लेना - देना नहीं है। ग्रोवर ने कहा कि कुंडू को पहले रोहतक शहर के लोगों का हित क्यों नहीं याद आया। अब अचानक क्या हो गया। वे पांच साल भाजपा में रहे। संगठन के अंदर भी अपनी बात रख सकते थे। अब अचानक उनके आरोप सवाल खड़े कर रहे हैं आखिर वे किस के इशारे पर इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। ग्रोवर ने सवाल खड़ा किया कि 40 मिनट की प्रेसवार्ता को ध्यान से सुनने से साफ दिखाई दे रहा है कि कुंडू के मन में अचानक किसके प्रति प्रेम उमड़ा है।
विज के सामने 10 जनवरी को पूछूंगा सवाल, जवाब देने आ जाएं ग्रोवर
वहीं, महम के विधायक बलराज कुंडू का कहना है कि, पूर्व मंत्री ग्रोवर खुद से मेरी तुलना नहीं कर सकते। मैं 1996 से बिजनेस कर रहा हूं। सरकार से चेक के माध्यम से पेमेंट लेता हूं। चार साल पहले ऐसे ही नेताओं ने मेरी शिकायत सीएम से की थी। मैंने तभी हरियाणा में कांट्रेक्ट लेने छोड़ दिए थे। मेरी कंपनी प्रदेश से बाहर कांट्रेक्ट लेती है। ग्रोवर ने पांच साल प्रदेश के अंदर क्या - क्या किया, यह तो बानगी मात्र है। जल्द पूरा चिट्ठा बाहर लेकर आऊंगा। ग्रोवर अपने साथ हिस्ट्रीशीटर लेकर घूमता था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। महम हलके की चिंता करनी मुझे आती है। रोहतक शहर के हालात चिंताजनक हैं। हारे हुए नेता नारियल तोड़ रहे हैं, जबकि मेयर खड़े होकर उनके लिए ताली बजाते हैं। उन्होंने पूरी चिट्ठी तैयार कर ली है। मंगलवार या बुधवार को गृह मंत्री अनिल विज को लिखित में देकर आएंगे। साथ ही 10 जनवरी को जिला कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में वे महम के विधायक होने के नाते भाग लेंगे। वहां पर न केवल पूर्व मंत्री के कच्चे चिट्ठे खोलेंगे, बल्कि चहेते अधिकारियों से भी जवाब मांगेंगे। अभी उनके आरोप मात्र ट्रेलर हैं, पूरी पिक्चर विधानसभा के अंदर रखेंगे।