रोहतक। पीएचडी में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी सीवाईएसएस की टीम के साथ कुलपति प्रो. राजबीर सिंह व कुलसचिव गुलशन तनेजा से मिले। छात्र नेता दीपक धनखड़ ने पीएचडी दाखिला प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कुलपति व कुलसचिव से कहा कि नई दाखिला प्रक्रिया में जो विद्यार्थी अध्यापकों के निजी हैं उनका ही दाखिला होगा।
पहले एमडीयू में दाखिला प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता था, इस बार प्रवेश परीक्षा बंद करके जिन विद्यार्थियों का जेआरएफ है वही दाखिला ले पाएंगे, उसमें भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक सीट पर केवल तीन विद्यार्थियों को ही इंटरव्यू के लिए मान्य किया है। दीपक धनखड़ का कहना है कि जिन भी विद्यार्थियों का जेआरएफ है उन सभी को पीएचडी इंटरव्यू में शामिल किया जाए ताकि अपनी शिक्षा के आधार पर पढ़ने वाले शोधार्थियों का दाखिला हो सके। धनखड़ ने बताया कि बहुत से निजी शिक्षण संस्थान ऐसे हैं जहां पर विद्यार्थियों को अधिक अंक दिए जाते हैं। जिससे केवल वही विद्यार्थी इंटरव्यू में भाग ले पाएंगे, लेकिन सही तौर पर दाखिला प्रक्रिया तभी मानी जाएगी जब जेआरएफ प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को इंटरव्यू में शामिल किया जाए।
जिलाध्यक्ष रॉबिन मलिक ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन केवल अपना समय बचाने के लिए व निजी विद्यार्थियों का दाखिला करने के लिए सभी विद्यार्थियों को इंटरव्यू में नहीं बुला रहे, जो विद्यार्थी कड़ी मेहनत करके जेआरएफ प्राप्त करते हैं उनके समय की कोई अहमियत नहीं मानी गई। प्रदेश सहसचिव अमन आलडिया व छात्र नेता नितिन डांगी की मांग है कि विश्वविद्यालय को पीएचडी दाखिला प्रक्रिया में संशोधन करना चाहिए व जिनके पास जीआरएफ है उन सभी विद्यार्थियों को इंटरव्यू में बुलाया जाए। इस अवसर पर नितिन डांगी, अंकित, निधि, इशू, मोहित, निलेश, अमन, अंकित अहलावत, सचिन, मनदीप, रवि, रोहित, सोनू, अंजलि, माही, योगेश, प्रियांशु, कमल, प्रमोद, जितेंद्र, ज्योति आदि मौजूद रहे।
वर्जन
विद्यार्थियों की बात सुनी है। हम इसे और बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए छात्र हितों के हक में फैसला लेंगे।
-प्रो. राजवीर सिंह, कुलपति, एमडीयू