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रोहतक से जाने वाली सभी सड़कें होंगी बंद

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All roads going from Rohtak will be closed - फोटो : RohtakCity
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केंद्र सरकार की ओर से संसद में पास किए गए तीन कृषि विधेयकों के विरोध में शुक्रवार को किसान व अन्य संगठनों ने पूरी तरह चक्का जाम का एलान किया है। संगठनों का दावा है कि शहर से बाहर की आवाजाही पूरे दिन ठप रहेगी। हाईवे के साथ-साथ गांवों की लिंक सड़कें भी बंद की जाएंगी।
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कृषि विधेयकों के विरोध में देश भर में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। देश भर के किसान संगठनों की राष्ट्रीय समन्वय समिति ने 25 सितंबर को देशव्यापी बंद का आह्वान किया है। जिले के किसान संगठन भी इसे कामयाब बनाने को पूरा जोर लगा रहे हैं। अखिल भारतीय किसान सभा के प्रतिनिधि 21 सितंबर से जिले के अलग-अलग गांवों में जाकर किसानों को लामबंद कर रहे हैं। वीरवार को भी जिला प्रधान प्रीत सिंह ने डोभ समेत कई गांवों का दौरा कर किसानों के साथ बैठकें कीं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को रोहतक से जाने वाली सभी प्रमुख सड़कें बंद की जाएंगी। एक-एक हाईवे पर कई जगह चक्का जाम किया जाएगा। सुबह दस से शाम चार-पांच बजे तक किसी भी तरह की आवाजाही की इजाजत नहीं दी जाएगी। बाकी सारी प्रमुख सड़कों की योजना तैयार हो चुकी है कि कहां-कहां जाम लगेगा। दिल्ली रोड पर अब तक राय नहीं बन पाई है। अगर नजदीकी गांववासियों द्वारा चक्का जाम न किया गया तो सांपला में जरूर किया जाएगा। हाईवे के साथ-साथ गांवों की लिंक सड़कें भी बंद की जाएंगी। बालंद से डीघल, करौंथा जैसी लिंक सड़कें इनमें शामिल हैं। पिछले दिनों हुई बैठकों के दौरान किसानों में गुस्सा दिखाई दिया हैं। जहां 20 किसान भी इकट्ठे हो गए तो वे अपने इलाके की सड़क बंद कर देंगे। शहर के अंदर कोई भी सड़क बंद नहीं की जाएगी। उधर, भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के प्रदेश अध्यक्ष अनिल नांदल को तेज बुखार होने के कारण संगठन की तैयारियां थोड़ी प्रभावित हुईं। कोरोना टेस्ट करवाने के बाद वह फोन पर ही अपने और दूसरे संगठनों के लोगों के साथ संपर्क करते रहे।
किसान, आढ़ती, व्यापारी निकालेंगे मार्च
शहर के बाहर हाईवे और लिंक रोड बंद करने की कमान जहां किसान सभा ने संभाल रखी है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन (अ), आढ़ती एसोसिएशन और व्यापारी संगठन शहर में रोष मार्च निकालेंगे। जिसमें राष्ट्रीय तौर पर आंदोलन से जुड़े मजदूर और कर्मचारी संगठन भी शामिल होंगे। आढ़ती एसोसिएशन के रोहतक प्रधान डिंपल बुधवार ने बताया कि सभी संगठनों के लोग रेलवे स्टेशन पर इकट्ठे होंगे। वहां से जुलूस की शक्ल में लघु सचिवालय तक आएंगे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे। यह मार्च जहां से भी गुजरेगा, वहां व्यापारियों से अपील की जाएगी कि वे किसानों के समर्थन में अपनी दुकानें बंद कर दें। अनाज मंडी पूरी तरह बंद रहेगी। व्यापारी नेता हेमंत बख्शी ने शोरी मार्केट, किला रोड और रेलवे रोड के दुकानदारों से अपील की है कि वे शुक्रवार को अपनी दुकानें बंद रखें। उम्मीद है कि कारोबारी इस बात को समझेंगे।
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प्रशासन ने नियुक्त किए 19 ड्यूटी मजिस्ट्रेट
जिले भर में किसान व अन्य संगठनों के चक्का जाम के मद्देनजर कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखना जिला प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। हालांकि संगठनों शांतिपूर्वक चक्का जाम का एलान किया है, लेकिन प्रशासन ने पूरी एहतियात बरतते हुए सारी तैयारी कर ली है। जिला मजिस्ट्रेट कैप्टन मनोज कुमार ने जिले भर में चक्का जाम के लिए 19 अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। उनके साथ छह डीएसपी और 13 एसएचओ तैनात किए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने पुलिस अ धीक्षक को निर्देश दिए हैं कि इन ड्यूटी मजिस्ट्रेट को पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल मुहैया करवाया जाए, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हों। ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाई रखी जा सके।
आप ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
आम आदमी पार्टी ने केंद्र के कृषि विधेयकों के विरोध में रोष प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने काली पट्टियां बांध कर काला दिवस मनाया। दिल्ली से राज्य सभा सदस्य और हरियाणा के सह प्रभारी डॉ. सुशील गुप्ता की अगुवाई में वर्करों ने रोड शो निकाला। उन्होंने कहा कि किसानों की आपत्तियों और विपक्ष की आवाज को दरकिनार कर बिना वोटिंग कराए ही राज्य सभा में विधेयक पास कर लिए गए। यह मर्यादा का हनन है। ये विधेयक अन्नदाता के खिलाफ साजिश हैं। जिनसे किसान और खेती तबाह हो जाएगी। बाद में प्रदर्शनकारियों ने एडीसी महेंद्र पाल को ज्ञापन सौंपा।
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