माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। शहर के शास्त्री नगर के युवक 24 वर्षीय अक्षित की हत्या हुई या हादसा है। यह खुलासा वीरवार को भी नहीं हो सका। 28 घंटे बाद पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। साथ ही, विसरा जांच के लिए मधुबन लैब में भेजा है।
पुलिस का कहना है कि विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकेगी। सिटी थाने में अक्षित के दोस्त दीपक, सचिन, योगेश व सोमबीर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। शाम को सोनीपत के पैतृक गांव खुबडू में अंतिम संस्कार किया गया है।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, सोनीपत जिले के गांव खुबडू निवासी शमशेर सिंह ने शिकायत दी थी कि वह हिसार रोड स्थित शास्त्री नगर में रहते हैं। उनके बेटा अक्षित जानलेवा हमला करने के केस में 1 सितंबर को जेल से जमानत पर आया था। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे दीपक नाम का युवक उसे अपनी गाड़ी में ले गया था।
रात 8 बजे कॉल की तो कहने लगा कि दोस्त सचिन, योगेश व सोमबीर के पास जींद बाईपास पर हूं। बुधवार सुबह सवा 10 बजे उनके दूसरे बेटे अमन के पास जोनी उर्फ योगेश का फोन आया। बोला-अक्षित रात से सोया हुआ है। उसे पीजीआई लेकर चलते हैं।
थोड़ी देर बाद फिर से फोन आया कि वे ही अक्षित को पीजीआई ले आए हैं। पीजीआई पहुंचे तो योगेश व सोमबीर बेटे को छोड़कर चले गए। बेटा दम तोड़ चुका था। उसे शक है कि आरोपियों ने उसके बेटे की नशीला पदार्थ पिलाकर हत्या की है।
शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका, इसलिए डाॅक्टरों की सलाह पर विसरा जांच के लिए मधुबन लैब में भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- इंस्पेक्टर राजकुमार, प्रभारी, थाना शहर
बेटे का 28 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराया गया। पूछने पर हर बार एक ही जवाब मिला कि थाना प्रभारी कागजात लेकर आ रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में उनको कुछ नहीं बताया गया है।
- शमशेर धनखड़, अक्षित का पिता